UP: इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में लखनऊ कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास
Lucknow: लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 24 साल पुराने इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला शहर के एक वरिष्ठ वकील की हत्या से जुड़ा
Lucknow: लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 24 साल पुराने इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला शहर के एक वरिष्ठ वकील की हत्या से जुड़ा था, जिसने लंबे समय तक कानूनी गलियारों में चर्चा बनाए रखी थी।
विशेष न्यायाधीश वायु नंदन मिश्रा ने 7 जुलाई, 2026 को यह निर्णय सुनाया। अदालत ने शूटर विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को हत्या और आपराधिक साजिश के तहत दोषी पाया। इन तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गई है। साथ ही, कोर्ट ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है, जिसमें एक रिपोर्ट के मुताबिक डेढ़ लाख रुपये की राशि शामिल है।
मृतक इंद्रदेव सिंह लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और एक जाने-माने वकील थे। वह नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता और सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह के ससुर थे। यह पूरी घटना 8 अगस्त, 2002 को हुई थी, जब डीएम कार्यालय के पीछे स्कूटर से जा रहे इंद्रदेव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की शिकायत उनकी पत्नी और पीसीएस अधिकारी नयनतारा सिंह ने कैसरबाग थाने में दर्ज कराई थी।
सीबीआई ने साल 2004 में इस केस में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की लंबी सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों जैसे मन्नालाल गुप्ता, वेद प्रकाश उर्फ नेता और छोटेलाल उर्फ छोटू की मौत हो गई थी। फैसले के समय पीड़ित परिवार और लक्ष्मी सिंह अदालत में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा।