UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनगणना 2027 को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अहम कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूनिसेफ कार्यालय में ‘बच्चों के लिए जनगणना का महत्व’ विषय पर आयोजित इस सत्र में विशेषज्ञों ने
UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनगणना 2027 को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अहम कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूनिसेफ कार्यालय में ‘बच्चों के लिए जनगणना का महत्व’ विषय पर आयोजित इस सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि जनगणना के आंकड़े बच्चों के भविष्य, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए योजनाएं बनाने में कितने जरूरी हैं। उत्तर प्रदेश के जनगणना संचालन क्षेत्रीय निदेशालय ने यूनिसेफ के सहयोग से इस इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया ताकि आम लोगों तक इसकी सही जानकारी पहुंच सके।
जनगणना 2027 में क्या है नया और डिजिटल बदलाव
इस बार की जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होने जा रही है। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि नागरिक अब se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं, जिसे स्व-गणना (Self-Enumeration) कहा जाता है। जनगणना के दौरान कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की शिक्षा, रोजगार और सुविधाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार पहली बार जातीय गणना को भी इसमें जोड़ा गया है और वन ग्रामों के निवासियों को भी प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है।
दो चरणों में होगा काम और प्रगणकों की तैनाती
उत्तर प्रदेश में जनगणना का कार्य दो प्रमुख चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार की जाएगी और मकानों की गणना होगी, जो 7 मई से शुरू होकर 20 जून 2026 तक चलेगी। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा जिसमें जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी। इस भारी भरकम काम के लिए यूपी में करीब 5.47 लाख कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसमें 4.50 लाख प्रगणक और 85 हजार सुपरवाइजर शामिल हैं जिन्हें विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
मुख्यमंत्री की अपील और गोपनीयता का भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनगणना के पहले चरण का औपचारिक शुभारंभ करते हुए इसे एक राष्ट्रीय दायित्व बताया है। उन्होंने जनता से ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के नारे के साथ जुड़ने और प्रगणकों को सही जानकारी देने की अपील की है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना 2027 में खुद से जानकारी (Self-Enumeration) कैसे भर सकते हैं?
नागरिकों को se.census.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। जानकारी भरने के बाद एक विशिष्ट एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी, जिसे सत्यापन के समय कर्मचारी को दिखाना होगा।
जनगणना के दौरान कुल कितने सवाल पूछे जाएंगे?
इस बार जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें मकान, परिवार की बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, रोजगार और पहली बार जातीय जानकारी भी शामिल की गई है।
क्या जनगणना में दी गई जानकारी सुरक्षित है?
हां, जनगणना अधिनियम 1948 और नियम 1990 के तहत संकलित सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए होता है।