UP: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। लखनऊ के विभूतिखंड थाने में इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस ने ज
UP: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। लखनऊ के विभूतिखंड थाने में इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आयोग ने साफ किया है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से कराई गई थी।
क्यों दर्ज हुआ मुकदमा और क्या है पूरा मामला
21 मई 2026 को प्रदेश के 44 जिलों में 861 केंद्रों पर लेखपाल मुख्य परीक्षा हुई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक की झूठी खबरें फैलाईं ताकि उम्मीदवारों को गुमराह किया जा सके और सरकार की छवि खराब की जाए। लखनऊ के एक केंद्र पर कुछ परीक्षार्थी भ्रम की वजह से बाहर चले गए थे, जिसे गलत तरीके से पेपर लीक बताकर पेश किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
पुलिस जांच और लागू की गई धाराएं
UPSSSC की शिकायत पर विभूतिखंड पुलिस ने BNS 2023 की धारा 221, 292 और 353(2) के तहत FIR दर्ज की है। इस मामले की निगरानी DCP (East), ADCP (East) और ACP (Vibhutikhand) कर रहे हैं। पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने भ्रामक पोस्ट शेयर किए थे। आयोग ने पहले ही उम्मीदवारों से अपील की थी कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
परीक्षा में पारदर्शिता के लिए क्या इंतजाम थे
आयोग ने बताया कि परीक्षा में धांधली रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। पूरे प्रदेश में 18,883 CCTV कैमरों से लाइव निगरानी की गई थी। इसके अलावा AI आधारित पहचान सिस्टम और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का भी उपयोग हुआ। प्रश्न पत्र और OMR शीट पूरी तरह सुरक्षित और सील थे, जिससे पेपर लीक की संभावना नहीं थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेखपाल मुख्य परीक्षा कब आयोजित की गई थी
यह परीक्षा 21 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के 44 जिलों के 861 केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
पेपर लीक की खबरों पर सरकार का क्या कहना है
UP सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने पेपर लीक के आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है और अफवाह फैलाने वालों पर FIR दर्ज कराई है।