UP: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और प्रयागराज में वकीलों के साथ हुई हिंसा और मारपीट का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। वकीलों ने प्रशासन और पुलिस पर अत्याचार के आरोप लगाते हुए चीफ जस्टिस को एक लेटर पिटिशन भेजी है। इस
UP: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और प्रयागराज में वकीलों के साथ हुई हिंसा और मारपीट का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। वकीलों ने प्रशासन और पुलिस पर अत्याचार के आरोप लगाते हुए चीफ जस्टिस को एक लेटर पिटिशन भेजी है। इस विवाद के कारण लखनऊ में वकीलों ने हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे अदालती कामकाज पर असर पड़ा है।
लखनऊ और प्रयागराज में क्या हुआ था?
लखनऊ के कैसरबाग सिविल कोर्ट में 17 मई को नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। वकीलों का आरोप है कि बिना नोटिस के उनके चैंबर गिरा दिए गए और पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। वहीं, 20 मई को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में एक घायल महिला वकील जागृति शुक्ला के इलाज को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि डॉक्टरों और वकीलों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित रहीं। घायल वकील को लखनऊ PGI रेफर किया गया है।
वकीलों की मुख्य मांगें क्या हैं?
वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और प्रशासन के सामने मोर्चा खोल दिया है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें नौकरी से निकाला जाए।
- घायल वकीलों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- ध्वस्त हुए चैंबरों के लिए नई जगह आवंटित की जाए।
- वकीलों की सुरक्षा के लिए ‘अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम’ लागू किया जाए।
विरोध प्रदर्शन और वर्तमान स्थिति क्या है?
लखनऊ के वकीलों ने 21 मई से 26 मई तक पांच दिनों के सामूहिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर, ओरई और मुरादाबाद के वकीलों ने भी प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच बनाने की पुरानी मांग को भी फिर से उठाया है। प्रयागराज पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों की हड़ताल कब तक चलेगी?
लखनऊ के वकीलों ने 17 मई की पुलिस कार्रवाई के विरोध में 21 मई से 26 मई, 2026 तक पांच दिवसीय सामूहिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की है।
प्रयागराज के SRN अस्पताल में विवाद क्यों हुआ?
यह विवाद एक सड़क दुर्घटना में घायल महिला अधिवक्ता जागृति शुक्ला के इलाज में कथित लापरवाही और वीडियो बनाने से रोकने पर हुए दुर्व्यवहार के बाद शुरू हुआ था।