UP: उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के मुख्य अभियंता Ram Bhawan Ram को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला अघोषित संपत्ति जमा क
UP: उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के मुख्य अभियंता Ram Bhawan Ram को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला अघोषित संपत्ति जमा करने के आरोपों से जुड़ा है, जिस पर अब कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
विजिलेंस जांच पर रोक क्यों लगी?
Justice Rajiv Singh की सिंगल बेंच ने यह आदेश 2 जून 2026 को जारी किया। Ram Bhawan Ram ने कोर्ट में दलील दी कि उनके खिलाफ पहले भी ऐसी शिकायतें आई थीं, जिनमें उन्हें निर्दोष पाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जांच केवल उन्हें परेशान करने के लिए की जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार के 24 नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत विजिलेंस जांच शुरू की गई थी।
क्या थे मुख्य आरोप और अब आगे क्या होगा?
इस मामले में दो लोगों ने सरकार से शिकायत की थी कि मुख्य अभियंता ने भ्रष्टाचार के जरिए काफी संपत्ति बनाई है और वह एक आलीशान बंगले में रहते हैं। कोर्ट ने माना कि इस मामले पर विचार करने की जरूरत है। अब इस केस की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को होगी, तब तक जांच पर रोक रहेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राम भवन राम के खिलाफ जांच क्यों शुरू हुई थी?
दो व्यक्तियों ने सरकार से शिकायत की थी कि मुख्य अभियंता राम भवन राम ने भ्रष्टाचार के जरिए भारी संपत्ति जमा की है और वे एक आलीशान घर में रहते हैं।
हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने विजिलेंस जांच पर अंतरिम रोक लगा दी है और राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।