UP: उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेशों को हल्के में लेने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। आयोग ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को 2 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यह कदम आयोग के आदेशों की ल
UP: उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेशों को हल्के में लेने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। आयोग ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को 2 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यह कदम आयोग के आदेशों की लगातार हो रही अनदेखी के बाद उठाया गया है।
पुलिस कमिश्नर को क्यों बुलाया गया है?
यूपी मानवाधिकार आयोग के सदस्य राजीव लोचन मेहरोत्रा ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पाया कि आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने 17 मई 2026 को लखनऊ के पुलिस आयुक्त के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का कड़ा निर्देश जारी किया।
कौन हैं राजीव लोचन मेहरोत्रा?
राजीव लोचन मेहरोत्रा मानवाधिकार आयोग के माननीय सदस्य हैं। वह पूर्व में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1977 में एक वकील के तौर पर की थी और बाद में वह उत्तर प्रदेश में सिविल और सत्र न्यायाधीश के पद पर भी नियुक्त हुए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ पुलिस कमिश्नर को कब पेश होना है?
यूपी मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार लखनऊ पुलिस कमिश्नर को 2 जून को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होना होगा।
यह आदेश क्यों जारी किया गया?
यह आदेश मानवाधिकार आयोग के निर्देशों की लगातार हो रही अनदेखी के कारण सदस्य राजीव लोचन मेहरोत्रा द्वारा जारी किया गया है।