UP : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रचंड गर्मी और गर्म रातों की चेतावनी दी है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार चला गया है, वहीं ब
UP : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रचंड गर्मी और गर्म रातों की चेतावनी दी है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार चला गया है, वहीं बिजली की रिकॉर्ड मांग ने संकट और बढ़ा दिया है जिससे आम जनता परेशान है।
किन जिलों में रेड और येलो अलर्ट जारी हुआ है
IMD ने राज्य के 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहाँ गंभीर लू का खतरा बना रहेगा। इन जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही और जौनपुर शामिल हैं। लखनऊ समेत 17 जिलों में येलो अलर्ट है, जबकि मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा जैसे 34 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।
बिजली संकट और जनता का आक्रोश
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 30,357 मेगावाट पर पहुँच गई है। इस वजह से लखनऊ और अन्य शहरों में घंटों बिजली कटौती हो रही है और ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। लखनऊ में बिजली गुल होने पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद 150 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज हुआ है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा है कि मांग बहुत ज्यादा है, लेकिन आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को अलर्ट पर रहने और गर्मी से होने वाली बीमारियों के लिए तैयारी करने को कहा है। दूसरी तरफ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने बिजली संकट को लेकर सरकार की आलोचना की है। भाजपा के कई विधायकों ने भी ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर जर्जर लाइनों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही और जौनपुर में रेड अलर्ट जारी है, जहाँ गंभीर लू का खतरा है।
बिजली संकट का मुख्य कारण क्या है
भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड 30,357 मेगावाट तक पहुँच गई है, साथ ही जर्जर लाइनें और ट्रांसफार्मर खराब होने से कटौती बढ़ गई है।