UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत अब केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। 31 मई को विश्व तंब
UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत अब केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर लखनऊ समेत कई जिलों में लोगों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया।
स्कूलों और कॉलेजों के पास अब क्या बदलेंगे नियम?
शिक्षा मंत्रालय ने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए तीन साल की एक खास कार्ययोजना बनाई है। अब सभी स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को नशामुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है, जबकि पहले यह सीमा केवल 100 मीटर थी। इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए इस सत्र से एक ‘नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल’ भी शुरू किया जाएगा।
नशामुक्ति अभियान के तहत अब तक क्या हुआ?
मद्यनिषेध विभाग ने साल 2025-26 में पूरे राज्य में बड़े स्तर पर कार्यक्रम चलाए। इसके तहत छात्रों और आम जनता को जागरूक करने के लिए कई गतिविधियां की गईं:
- कुल 1,352 प्रतियोगिताएं जैसे निबंध और पोस्टर मेकिंग आयोजित हुईं, जिनमें 5,404 छात्रों को इनाम मिला।
- राज्य स्तर पर 40 और जिला स्तर पर 1,727 संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।
- जनता को समझाने के लिए 356 प्रदर्शनियां और 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे नुक्कड़ नाटक और जादू शो किए गए।
- ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतियोगिताओं के जरिए लोगों को नशे के खिलाफ जोड़ा गया।
लखनऊ और अन्य शहरों में कैसे मनाया गया तंबाकू निषेध दिवस?
लखनऊ में सद्गुरु शरण चंद्र स्मृति संस्थान और जानकीपुरम विस्तार संयुक्त कल्याण महासमिति ने जागरूकता अभियान चलाया। वहीं नेशनल पीजी कॉलेज और शराबबंदी संघर्ष समिति ने नशामुक्ति शिविर लगाए। वाराणसी में त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन ने रैली निकाली, तो सोनभद्र के जिला बार एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर को तंबाकू मुक्त बनाने और ‘रुको, रोको और टोको’ अभियान शुरू करने का फैसला किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्कूलों के पास नशामुक्त क्षेत्र की सीमा कितनी तय की गई है?
शिक्षा मंत्रालय की नई तीन वर्षीय कार्ययोजना के तहत अब स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को नशामुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है, जो पहले 100 मीटर था।
नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल का क्या काम होगा?
यह पोर्टल इस सत्र से शुरू किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों द्वारा नशामुक्ति नियमों के पालन की निगरानी करना और डेटा ट्रैक करना है।