UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य से बाल श्रम और बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक पूरे प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बना दिया जाए। इसी दिशा में कदम उठाते हुए
UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य से बाल श्रम और बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक पूरे प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बना दिया जाए। इसी दिशा में कदम उठाते हुए लखनऊ में 5,000 बच्चों को संरक्षण दिया गया है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
बाल श्रम रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर 12 जून 2026 को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने इस अभियान की शुरुआत की। इसी दिन 15 जिलों के 141 हॉट-स्पॉट क्षेत्रों और झांसी के ग्रामीण इलाकों को बाल श्रम मुक्त घोषित कर दिया गया। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत बच्चों को लाभ भी बांटे।
गांवों और जिलों में कैसे हो रही है कार्रवाई?
बाल विवाह और बाल श्रम को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर काम हो रहा है। बहराइच के तेजवापुर में 10 जून को एक बैठक हुई, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया। यहां 150 से ज्यादा लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया और 17 बाल श्रमिकों व 3 बाल विवाह प्रभावित बच्चों को दोबारा स्कूल भेजा गया। मुख्यमंत्री ने इन अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
कौन सी संस्थाएं और नियम काम कर रहे हैं?
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष अनिवार्य है। इस काम में जेआरसी (जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन), चाइल्डलाइन 1098 और महिला कल्याण निदेशालय जैसी संस्थाएं मदद कर रही हैं। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, श्रमिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय में अच्छी शिक्षा का इंतजाम किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूपी सरकार ने बाल श्रम खत्म करने के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2027 तक पूरे राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए विशेष अभियान चला रही है।
बाल विवाह रोकने के लिए कानूनी उम्र क्या है?
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार, विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम कानूनी आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष तय की गई है।