UP में गोंड समाज का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, 9 अगस्त को लखनऊ में जुटेंगे लाखों लोग
UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश में गोंड समाज अपने अधिकारों और जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर लखनऊ में लाखों लोगों के जुटने की योजना है। समाज के लोग
UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश में गोंड समाज अपने अधिकारों और जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर लखनऊ में लाखों लोगों के जुटने की योजना है। समाज के लोग अपनी समस्याओं को लेकर सरकार के सामने अपनी ताकत दिखाएंगे।
गोंड समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनाथ गोंड ने कहा कि प्रदेश में गोंड जनजाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से वे जनजातीय वर्ग को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। समाज के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और अब उन्होंने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का फैसला किया है।
सरकारी नियमों की बात करें तो मार्च 2023 में समाज कल्याण मंत्री ने संत कबीर नगर, कुशीनगर, चंदौली और भदोही जिलों में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने और प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया था। इससे पहले नवंबर 2021 में भी शासनादेश जारी हुआ था कि जिन लोगों के भू-राजस्व अभिलेखों में ‘गोंड’ लिखा है, उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाए। भूमिहीन लोगों के लिए परिवार रजिस्टर और टीसी के आधार पर जांच कर प्रमाण पत्र जारी करने को कहा गया था।
इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमाई हुई है। फरवरी 2026 में समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था कि वर्तमान सरकार में प्रमाण पत्र मिलने की प्रक्रिया बाधित है। वहीं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजनाथ रावत ने अप्रैल 2026 में कहा था कि गोंड उपजातियां इस दर्जे की हकदार हैं और इसके लिए केंद्र स्तर पर प्रयास जरूरी हैं।
गोंड समाज की यह लड़ाई केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। इससे पहले मई 2026 में बलिया की बांसडीह तहसील और वाराणसी के कलेक्ट्रेट पर भी जोरदार प्रदर्शन हुए थे। समाज के लोग अब 9 अगस्त को लखनऊ में एकजुट होकर अपनी मांगों पर जोर देंगे।