UP: लखनऊ के वेव मॉल से विजिलेंस टीम ने पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति बनाने के गंभीर आरोप हैं. गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेड
UP: लखनऊ के वेव मॉल से विजिलेंस टीम ने पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति बनाने के गंभीर आरोप हैं. गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से अब उनसे पूछताछ की जाएगी.
मुकेश श्रीवास्तव पर क्या हैं आरोप और कितनी है संपत्ति
मुकेश श्रीवास्तव बहराइच की पयागपुर सीट से पहले कांग्रेस और फिर समाजवादी पार्टी के विधायक रहे. विजिलेंस की जांच में सामने आया कि 2012 से 2017 के बीच विधायक रहते हुए उन्होंने अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई. उनकी वैध आय 1.12 करोड़ रुपये थी, लेकिन उन्होंने 1.79 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कि उनकी आय से 59.74% अधिक है. इस मामले में उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत केस दर्ज हुआ है.
NRHM घोटाले में किन जिलों में हुई गड़बड़ी
मुकेश श्रीवास्तव को NRHM घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. इस घोटाले से जुड़े तीन मुख्य मामले सामने आए हैं:
- श्रावस्ती: 2017 से 2022 के बीच स्वास्थ्य योजनाओं में पैसों की बड़ी हेराफेरी हुई, जिसकी FIR मई 2026 में दर्ज हुई.
- बलरामपुर: यहां भी स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी हुई. इसमें दो पूर्व CMO, चिकित्सा अधीक्षक और आरपी ग्रुप के प्रोपराइटर समेत कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं.
- गोंडा: इस जिले में भी घोटाले से जुड़ी अनियमितताओं की जांच अभी चल रही है.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब मुकेश श्रीवास्तव कानूनी मुश्किलों में फंसे हैं. साल 2014 में CBI ने इस घोटाले की जांच के दौरान उन्हें और उनकी पत्नी पूजा श्रीवास्तव को भगोड़ा घोषित किया था. बाद में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था. नवंबर 2023 में विजिलेंस ने उनके बहराइच और पयागपुर स्थित घरों पर छापेमारी भी की थी. राज्य सरकार ने 2021 में जांच के आदेश दिए थे, जिसकी फाइनल रिपोर्ट अक्टूबर 2023 में सौंपी गई थी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुकेश श्रीवास्तव को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है
उन्हें आय से अधिक संपत्ति बनाने और NRHM घोटाले में मुख्य आरोपी होने के कारण लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है.
आय से अधिक संपत्ति के मामले में कितनी रकम का अंतर पाया गया
विजिलेंस के अनुसार उनकी वैध आय 1.12 करोड़ रुपये थी, जबकि उन्होंने 1.79 करोड़ रुपये खर्च किए, जो उनकी आय से लगभग 59.74% ज्यादा है.