Lucknow के KGMU में खुला यूपी का पहला Bone Bank, अब हड्डियों के इलाज के लिए नहीं जाना होगा दिल्ली-मुंबई

UP/Lucknow : लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में उत्तर प्रदेश का पहला बोन बैंक शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन 3 अगस्त 2026 को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने किया। इस सुविधा के आने से अब राज्य के मरीजों को हड

UP/Lucknow : लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में उत्तर प्रदेश का पहला बोन बैंक शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन 3 अगस्त 2026 को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने किया। इस सुविधा के आने से अब राज्य के मरीजों को हड्डियों के जटिल इलाज और ग्राफ्ट के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

यह राज्य का पहला समग्र बोन और टिश्यू बैंक है जो KGMU के हड्डी रोग विभाग में काम करेगा। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि इस बैंक से मरीजों को उनके घर के करीब ही आधुनिक इलाज मिल सकेगा। इससे न केवल मरीजों की देखभाल बेहतर होगी, बल्कि मेडिकल रिसर्च और शिक्षा को भी मजबूती मिलेगी। KGMU के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह के मुताबिक, इस सुविधा का फायदा यूपी के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के हजारों मरीजों को भी मिलेगा।

बोन बैंक के प्रभारी प्रो. कुमार शांतनु ने इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहाँ हड्डियों, लिगामेंट्स और टेंडन्स को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए -80°C वाले अल्ट्रा-लो टेम्परेचर फ्रीजर का इस्तेमाल होगा। हर ग्राफ्ट की कड़ी जांच होगी और उसे एक यूनिक आईडी दी जाएगी ताकि मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित रहे। हड्डी रोग विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष कुमार ने साफ किया कि सरकारी क्षेत्र में यह प्रदेश का पहला ऐसा बैंक है।

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कई सर्जरी में मरीज को अपने ही शरीर के दूसरे हिस्से से हड्डी निकालने (ऑटोग्राफ्ट) की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह बैंक जटिल फ्रैक्चर, बोन ट्यूमर, स्पाइन सर्जरी, खेल की चोटों और लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन जैसे मामलों में मददगार साबित होगा। इसके अलावा प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, डेंटल और बर्न यूनिट जैसे कई अन्य विभागों को भी यहाँ से मदद मिलेगी। नैदानिक सेवाएं कुछ कानूनी अनुमतियां मिलने के बाद अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएंगी।