UP में 5 एक्सप्रेसवे का होगा विस्तारीकरण, योगी सरकार ने बजट में किया 18,400 करोड़ का प्रावधान

UP: उत्तर प्रदेश की सड़कों और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे के लिए कुल 22,208 करोड़ रुपये दिए हैं। इसमें से 18,400 क

UP: उत्तर प्रदेश की सड़कों और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे के लिए कुल 22,208 करोड़ रुपये दिए हैं। इसमें से 18,400 करोड़ रुपये सिर्फ पांच एक्सप्रेसवे के निर्माण और उन्हें बड़ा करने के लिए रखे गए हैं। यह पूरी घोषणा 4 अगस्त, 2026 को विधानसभा में पेश किए गए करीब 59,019 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के दौरान की गई।

इस योजना के तहत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का विस्तारीकरण किया जाएगा। साथ ही लखनऊ में 50 किलोमीटर लंबे एक नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए 42 गांवों की जमीन ली जाएगी। वहीं लखनऊ के 1090 चौराहे से आगरा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली एलिवेटेड रोड का काम अगले महीने से शुरू होगा, जिस पर 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भी बड़ी तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद अब इसे मेरठ से आगे हरिद्वार तक 110 किलोमीटर और बढ़ाने की योजना है, जिसका सर्वे पूरा हो चुका है। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 6-लेन वाले जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं।

प्रोजेक्ट/योजना बजट/विवरण
एक्सप्रेसवे निर्माण व विस्तारीकरण ₹18,400 करोड़
मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण ₹3,000 करोड़
अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन ₹1,500 करोड़
भारत औद्योगिक विकास योजना (संडीला, बांदा आदि) ₹495.86 करोड़
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे 6-लेन निर्माण मंजूर
मेरठ-हरिद्वार व विंध्य एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण शुरू

इन सबके अलावा मेरठ-हरिद्वार, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसे नए प्रोजेक्ट्स पर काम तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को जमीन का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को भी इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में इसे 6 से 10 लेन तक बढ़ाया जा सके। यूपीसीडा (UPSIDA) ने भी अपने बजट को पिछले साल के मुकाबले दोगुना कर दिया है ताकि औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार तेजी से हो सके।