UP : लखनऊ में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 10 जून 2026 को लखनऊ के वेव मॉल के पास से पक
UP : लखनऊ में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 10 जून 2026 को लखनऊ के वेव मॉल के पास से पकड़ा गया। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान गलत तरीके से संपत्ति बनाने और स्वास्थ्य मिशन में बड़े घोटाले के आरोप हैं।
मुकेश श्रीवास्तव पर क्या हैं मुख्य आरोप?
मुकेश श्रीवास्तव बहराइच के पयागपुर से 2012 से 2017 तक कांग्रेस विधायक रहे थे। विजिलेंस की जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी वैध कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई। यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत एक गंभीर अपराध है। इसके अलावा उन पर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले का मास्टरमाइंड होने का भी आरोप है।
NRHM घोटाले और अन्य केस की क्या है सच्चाई?
पूर्व विधायक के खिलाफ श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों में 2017 से 2022 के बीच वित्तीय गड़बड़ी के मामले दर्ज हैं। आरोप है कि 2014 से 2019 के बीच NRHM में बिना काम कराए या थोड़ा काम कराकर पूरा पैसा निकाल लिया गया। हाल ही में बलरामपुर में दवा और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में घोटाले को लेकर भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें कुछ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद अब आगे क्या होगा?
विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तारी के बाद पूर्व विधायक का सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और फिर उन्हें जेल भेज दिया। विजिलेंस के मुताबिक, इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाने और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि वह पहले भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं और जमानत पर बाहर थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुकेश श्रीवास्तव कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
मुकेश श्रीवास्तव बहराइच के पयागपुर से पूर्व कांग्रेस विधायक हैं। उन्हें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और NRHM घोटाले में संलिप्तता के आरोप में यूपी विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है।
NRHM घोटाले में उन पर क्या आरोप लगे हैं?
उन पर आरोप है कि 2014 से 2019 के बीच श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे जिलों में बिना काम कराए या आंशिक काम कराकर सरकारी भुगतान लिया गया और दवाओं की खरीद में भी गड़बड़ी की गई।