UP : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 10 जून की रात को डिमांड 31,894 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे पूरे प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। लोग गर्मी से परेश
UP : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 10 जून की रात को डिमांड 31,894 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे पूरे प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। लोग गर्मी से परेशान हैं और कई इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने और तार टूटने की वजह से अंधेरा छाया हुआ है।
बिजली संकट के मुख्य कारण और जमीनी हालात क्या हैं?
गर्मी इतनी ज्यादा है कि सबस्टेशनों की मशीनें लोड नहीं झेल पा रही हैं और बार-बार ट्रिप हो रही हैं। स्थानीय स्तर पर केबल फुंकने और तार टूटने की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन संविदा कर्मचारियों की छंटनी की वजह से उन्हें ठीक करने के लिए लोग कम हैं। इसका असर यह है कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर रोज 55,000 से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। बांदा के मलेहरा निवादा गांव में तो करीब एक महीने से बिजली गुल है, जिस पर अब डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
10% फ्यूल सरचार्ज विवाद और UPERC का फैसला
UPPCL ने जून महीने के बिलों में 10% फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लगाने का फैसला किया था। इस फैसले पर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई और UPPCL चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब मांगा। वहीं, उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने इस 10% सरचार्ज को गैरकानूनी बताते हुए इस पर पूरी तरह रोक लगा दी है। आयोग ने इसे नियामक नियमों के खिलाफ माना है, जिससे प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिली है।
बिजली की मांग के आंकड़े एक नजर में
| तारीख |
पीक डिमांड (मेगावाट) |
स्थिति |
| 10 जून 2026 |
31,894 |
अब तक की सर्वाधिक |
| 25 मई 2026 |
31,824 |
पिछला रिकॉर्ड |
| 8-9 जून 2026 |
31,678 |
उच्च मांग |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या जून के बिजली बिल में 10% अतिरिक्त पैसा देना होगा?
नहीं, UPERC ने 10% फ्यूल सरचार्ज पर पूरी तरह रोक लगा दी है और इसे गैरकानूनी बताया है, इसलिए उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त राशि नहीं देनी होगी।
बिजली की सबसे ज्यादा डिमांड कब और कितनी रही?
उत्तर प्रदेश में 10 जून 2026 की रात को बिजली की मांग सबसे अधिक 31,894 मेगावाट दर्ज की गई।