UP में सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण के ठिकानों पर ED की छापेमारी, लखनऊ और झांसी में 11 जगहों पर मारा छापा
UP/Jhansi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लखनऊ और झांसी में कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छा
UP/Jhansi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लखनऊ और झांसी में कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह पूरी कार्रवाई सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच शुरू हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। मामला उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance Establishment) की उस FIR से जुड़ा है, जिसमें पूर्व विधायक पर अपनी कमाई से ज्यादा संपत्ति रखने का आरोप है। ED का मानना है कि गलत तरीके से कमाए गए पैसे को रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन कंपनियों और LLP के जरिए सफेद किया गया।
छापेमारी के दौरान झांसी में 9 और लखनऊ में 2 ठिकानों की तलाशी ली गई। लखनऊ में एल्डिको कॉलोनी और कानपुर रोड स्थित सनराइज अपार्टमेंट जैसे इलाकों में ED की टीमें पहुंचीं। जांच एजेंसी ने कई जरूरी दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। फिलहाल दीप नारायण सिंह यादव जेल में हैं, लेकिन उनके परिवार और सहयोगियों के ठिकानों पर जांच जारी है।
ED अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में PMLA के तहत 23 से ज्यादा अनुसूचित अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत धोखाधड़ी, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे लगभग 60 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। झांसी में छापेमारी वाली जगहों पर सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बल और PAC के जवानों को तैनात किया गया है।
इस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इन छापों की कड़ी आलोचना की है। ED के सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए सबूतों की जांच चल रही है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।