UP: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का लखनऊ के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने समर्थन किया है। सरकार का मानना है कि इससे छात्रो
UP: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का लखनऊ के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने समर्थन किया है। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों में अनुशासन आएगा और अमीर-गरीब का फर्क कम होगा।
ड्रेस कोड के नियम क्या हैं और कैसे लागू होगा
राज्यपाल के आदेश के बाद उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि ड्रेस कोड को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और सेल्फ फाइनेंसिंग कॉलेजों में यह नियम लागू होगा। इसके बाद दूसरे चरण में राज्य की यूनिवर्सिटीज को इसमें जोड़ा जाएगा। कॉलेज अपनी वर्दी का रंग खुद तय कर सकेंगे। इसका मुख्य मकसद छात्रों के बीच समानता लाना और बाहरी लोगों की पहचान करना है।
धर्मगुरुओं और शिक्षाविदों ने क्या कहा
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे बाहरी छात्रों को पहचानने में आसानी होगी और रोज नए कपड़े पहनने का आर्थिक बोझ भी कम होगा। वहीं, अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सुझाव दिया कि मुस्लिम छात्राएं कैंपस में घुसने के बाद हिजाब उतार सकती हैं और बाहर जाते समय पहन सकती हैं। लखनऊ की शिक्षाविद् डॉ. फ़राह सिद्दीकी ने अनुशासन को जरूरी बताया, लेकिन सांस्कृतिक विविधता के सम्मान की बात भी कही।
छात्र संगठनों का विरोध और प्रदर्शन की तैयारी
जहाँ एक तरफ प्रशासन और धर्मगुरु इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला है। खबर है कि 25 मई 2026 को लखनऊ के छात्रसंघ चौराहा पर इसके खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP के कॉलेजों में ड्रेस कोड कब से लागू होगा
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 21 मई 2026 को आदेश जारी किया था। उच्च शिक्षा मंत्री के अनुसार इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें पहले सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेज आएंगे।
ड्रेस कोड लागू करने का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका उद्देश्य छात्रों के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव बढ़ाना है। साथ ही इससे कैंपस में बाहरी लोगों की पहचान करना आसान होगा और आर्थिक असमानता कम होगी।