UP में ब्लॉक प्रमुखों को बनाया गया प्रशासक, पंचायत चुनाव में देरी के बाद पंचायती राज विभाग का बड़ा फैसला

UP: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाने की वजह से अब निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही उनके ब्लॉक का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

UP: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाने की वजह से अब निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही उनके ब्लॉक का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि ब्लॉक प्रमुखों का पांच साल का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को खत्म हो गया था।

अब प्रदेश के सभी 826 विकास खंडों की जिम्मेदारी इन प्रशासकों के पास होगी। हालांकि, प्रशासक के तौर पर उनकी शक्तियां सीमित रखी गई हैं। वे केवल सामान्य और रोजमर्रा के प्रशासनिक काम ही देख सकेंगे। उन्हें किसी भी तरह का नीतिगत फैसला लेने का अधिकार नहीं दिया गया है। अगर कोई ऐसा प्रस्ताव आता है जिसमें नीतिगत निर्णय लेना जरूरी हो, तो उसे जिलाधिकारी के जरिए राज्य सरकार को भेजना होगा और अंतिम मंजूरी सरकार ही देगी।

पंचायती राज विभाग जल्द ही प्रशासकों की भूमिका और उनके कामकाज को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगा। बता दें कि इससे पहले ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो चुका था, जिन्हें पहले ही प्रशासक बनाया जा चुका है। अब ब्लॉक प्रमुखों के नाम जुड़ने से पूरी त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था प्रशासकों की निगरानी में आ गई है।