UP और Bihar में सिम बदलने की होड़, 31 दिन में 1.44 करोड़ लोगों ने कराया मोबाइल नंबर पोर्ट
UP/Bihar: अगर आप भी अपने मोबाइल के खराब नेटवर्क या महंगे डेटा प्लान से परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 31 दिनों के भीतर करीब 1.44 करोड़ मो
UP/Bihar: अगर आप भी अपने मोबाइल के खराब नेटवर्क या महंगे डेटा प्लान से परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 31 दिनों के भीतर करीब 1.44 करोड़ मोबाइल यूजर्स ने अपना सिम पोर्ट कराने के लिए आवेदन किया है। इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग सबसे आगे रहे हैं।
TRAI द्वारा जून 2026 के अंत में जारी आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में कुल 14.46 मिलियन MNP (मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी) अनुरोध मिले। यह संख्या अप्रैल 2026 के 14.74 मिलियन अनुरोधों से थोड़ी कम है। रिपोर्ट बताती है कि लोग मुख्य रूप से खराब नेटवर्क कवरेज और महंगे रिचार्ज प्लान की वजह से अपना ऑपरेटर बदल रहे हैं। इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर Airtel और Jio पर दिखा, जिन्होंने अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाई, जबकि Vi और BSNL के ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है।
सबसे ज्यादा पोर्टिंग कराने वाले राज्यों का डेटा नीचे दिया गया है:
| राज्य/क्षेत्र | MNP अनुरोध (मई 2026) |
|---|---|
| यूपी ईस्ट (UP East) | 2.06 मिलियन |
| यूपी वेस्ट (UP West) | 1.49 मिलियन |
| बिहार (Bihar) | 1.41 मिलियन |
TRAI ने सिम स्वैप धोखाधड़ी को रोकने के लिए नियमों में भी बदलाव किया है, जो 1 जुलाई से लागू होंगे। नए नियम के मुताबिक, अगर किसी ने सिम बदला या रिप्लेसमेंट कराया है, तो उसके सात दिनों के भीतर Unique Porting Code (UPC) नहीं मिलेगा। वहीं, देश का कुल वायरलेस सब्सक्राइबर बेस भी बढ़कर 1,294.46 मिलियन हो गया है।
पोर्टिंग की प्रक्रिया के तहत ग्राहक अपना नंबर बदले बिना कंपनी बदल सकते हैं। एक ही क्षेत्र (LSA) में यह काम 3 दिन में और दूसरे सर्कल में 5 दिन में पूरा हो जाता है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के इलाकों में इसमें 15 कार्य दिवस तक का समय लग सकता है।