UP: उत्तर प्रदेश के बरेली में रेलवे ट्रैक के किनारे एक मौलाना का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान बिहार के किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी के रूप में हुई है। पुलिस पहले इसे एक हादसा मान रही थी, लेकिन अब
UP: उत्तर प्रदेश के बरेली में रेलवे ट्रैक के किनारे एक मौलाना का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान बिहार के किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी के रूप में हुई है। पुलिस पहले इसे एक हादसा मान रही थी, लेकिन अब परिवार ने हत्या और लूटपाट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला गरमा गया है।
मौलाना तौसीफ रजा की मौत का पूरा मामला क्या है?
मौलाना तौसीफ रजा बरेली शरीफ में एक सालाना उर्स में शामिल होने गए थे। वापसी के दौरान 26 अप्रैल 2026 को उनका शव बरेली रेलवे स्टेशन के पास पालपुर कमालपुर ट्रैक के किनारे मिला। 26 साल के मौलाना बिहार के सीवान में एक मस्जिद के इमाम और मदरसा शिक्षक थे। पुलिस ने शुरुआती जांच में कहा था कि वह ट्रेन के दरवाजे पर झपकी आने की वजह से गिर गए होंगे, लेकिन अब परिवार इस बात को मानने को तैयार नहीं है।
पत्नी के आरोपों और वायरल ऑडियो में क्या है?
मौलाना की पत्नी तबस्सुम खातून ने पुलिस के दावे को गलत बताया है। एक वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में मौलाना अपनी पत्नी को बता रहे थे कि ट्रेन में कुछ नशे में धुत लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं। पत्नी का दावा है कि उन्होंने वीडियो कॉल पर देखा था कि कुछ लोग उनके पति को घसीट रहे थे और पीट रहे थे। परिवार का आरोप है कि जनरल डिब्बे में लूटपाट के बाद उन्हें बेरहमी से पीटकर चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।
जांच के लिए किन लोगों ने उठाई आवाज?
- असदुद्दीन ओवैसी: AIMIM प्रमुख ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- गोपाल अग्रवाल: ठाकुरगंज विधायक ने निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है।
- मौलाना शाहबुद्दीन: ऑल इंडिया जमात के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मौलाना तौसीफ रजा कौन थे और वह बरेली क्यों गए थे?
मौलाना तौसीफ रजा बिहार के किशनगंज के रहने वाले थे और सीवान में इमाम और मदरसा शिक्षक थे। वह बरेली शरीफ में ताजश्शरिया के सालाना उर्स में शामिल होने गए थे।
पुलिस और परिवार के बयानों में क्या अंतर है?
पुलिस ने इसे शुरुआत में ट्रेन से गिरने की दुर्घटना बताया था, जबकि परिवार का आरोप है कि नशे में धुत लोगों ने उनके साथ मारपीट और लूटपाट की और फिर उन्हें ट्रेन से फेंक दिया।