UP के बागपत में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर कट की मांग, 43 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीण
UP/Baghpat: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर कट की मांग को लेकर बागपत के गंगनोली गांव में ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। पिछले 43 दिनों से यहां किसान और ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि कॉरिडोर पर एक ए
UP/Baghpat: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर कट की मांग को लेकर बागपत के गंगनोली गांव में ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। पिछले 43 दिनों से यहां किसान और ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि कॉरिडोर पर एक एक्सेस पॉइंट यानी ‘कट’ दिया जाए और साथ ही सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाए।
भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेतृत्व में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में नरेश टिकैत और राकेश टिकैत जैसे बड़े नेता शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कट के बनने से बागपत और शामली जिले के करीब 60 से 75 गांवों के लोगों को सीधा फायदा होगा और उनकी आवाजाही आसान हो जाएगी।
मामला अब गर्मा गया है क्योंकि बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को चेतावनी दी है। उन्होंने 18 जून तक का अल्टीमेटम दिया था कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो किसान खुद ही सड़क खोलेंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को इस 213 किलोमीटर लंबे छह-लेन कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाईवे का मकसद दिल्ली और देहरादून के बीच के सफर को 6 घंटे से घटाकर ढाई घंटे करना है। इसमें 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज और एशिया के सबसे लंबे 12 किलोमीटर के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
वहीं दूसरी तरफ NHAI अब एक नया 17 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है। यह नया रूट अलीपुर से लोनी तक होगा, जिससे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को नोएडा-गाजियाबाद से जोड़ा जा सकेगा। इससे द्वारका और गुड़गांव की तरफ से आने वाले लोगों को अब न्यू दिल्ली के ट्रैफिक से नहीं गुजरना पड़ेगा।