UP में चंद्रशेखर आजाद को मेरठ में रोके जाने पर बवाल, लखनऊ में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता

UP: उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी (ASP) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को लखनऊ की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ में पुलिस द्वारा रोके जाने के खिलाफ था। प्रदर्शनकारी

UP: उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी (ASP) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को लखनऊ की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ में पुलिस द्वारा रोके जाने के खिलाफ था। प्रदर्शनकारी परिवर्तन चौक से विधानसभा की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया, जिसके बाद मौके पर काफी गहमागहमी और पुलिस-कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।

पूरा मामला शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 का है। चंद्रशेखर आजाद मेरठ में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इस दौरान सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कई घंटों तक चले तनाव के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम में बुलाया, जहाँ सांसद आजाद ने मृतका की माँ और बहन से मुलाकात की। इस पूरी मुलाकात के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार भी मौजूद रहे।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल किया कि पुलिस अधिकारियों को आम लोगों के साथ मारपीट करने का हक किसने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित समाज की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की गई।

चंद्रशेखर आजाद ने यह भी ऐलान किया कि वह 20 जुलाई तक इस मामले को संसद में प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले, जिसके लिए वह धरने पर बैठने की तैयारी में हैं।