UP में कैशलेस चिकित्सा सुविधा को लेकर विवाद, 7 अगस्त को लखनऊ में प्रदर्शन करेंगे औरैया के 100 कर्मचारी

UP/Auraiya : उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा से बाहर रखे जाने को लेकर भारी गुस्सा है। इस भेदभाव के विरोध में महासंघ ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में एक बड़े धरना प्रदर्शन का आह

UP/Auraiya : उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा से बाहर रखे जाने को लेकर भारी गुस्सा है। इस भेदभाव के विरोध में महासंघ ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में एक बड़े धरना प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस विरोध प्रदर्शन में औरैया जिले से लगभग 100 कर्मचारी शामिल होंगे।

विवाद की मुख्य वजह यह है कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत लिपिक और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। कर्मचारियों का कहना है कि एक ही संस्था में काम करने के बावजूद उन्हें इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें काफी नाराजगी है।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य नियमित शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके परिवार को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

इस पूरी योजना का बीमा प्रीमियम राज्य सरकार खुद भरेगी, जो प्रति कर्मचारी करीब 3000 रुपये सालाना है। योजना का संचालन SACHIS (स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज) के जरिए किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक इस योजना के माध्यम से 142 शिक्षकों को 37.81 लाख रुपये का मुफ्त इलाज स्वीकृत किया जा चुका है।

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी मांग की है कि यह कैशलेस सुविधा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए लागू होनी चाहिए। परिषद का कहना है कि साल 2013 में सरकार के साथ इस पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक अधूरे आदेश जारी किए जा रहे हैं। संगठन के सदस्य इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।