UP में आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होंगे सीधे कनेक्ट, 70% जमीन खरीदी गई
UP: उत्तर प्रदेश में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने के लिए एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक 70% जमीन की खरीदार
UP: उत्तर प्रदेश में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने के लिए एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक 70% जमीन की खरीदारी पूरी हो चुकी है और बाकी बची जमीन को अगस्त 2026 के अंत तक खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी कम हो जाएगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली, नोएडा, आगरा और पश्चिमी यूपी से आने वाले वाहनों को लखनऊ शहर के ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय बचेगा और सफर काफी आरामदायक हो जाएगा।
UPEIDA इस पूरी परियोजना को संभाल रहा है और यूपी कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। लखनऊ-कानपुर और लखनऊ-रायबरेली हाईवे के पास घनी आबादी को बचाने के लिए इसके रास्ते में थोड़ा बदलाव किया गया है, जिससे इसकी लंबाई 1.18 किमी बढ़ गई है, लेकिन इससे खर्च नहीं बढ़ेगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | लगभग 51 किलोमीटर |
| अनुमानित लागत | ₹4,775 से ₹4,776 करोड़ |
| लेन की संख्या | 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक संभव) |
| अधिकतम रफ्तार | 120 किमी प्रति घंटा |
| भूमि अधिग्रहण | लखनऊ के 42 गांवों के 6,000 किसान शामिल |
| मुआवजा | सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा |
प्रशासन इस काम को पारदर्शी रखने के लिए किसानों से सीधे संवाद कर रहा है। जून 2026 तक करीब 3,000 किसान अपनी जमीन देने के लिए राजी हो चुके थे। इस प्रोजेक्ट से न केवल आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।