UP : उत्तर प्रदेश के छठे वित्त आयोग की एक जरूरी बैठक 10 जून को लखनऊ में होने जा रही है। इस मीटिंग में पंचायतों और स्थानीय निकायों के विकास से जुड़ी कई अहम बातों पर चर्चा होगी। खास बात यह है कि भटपुरा रसूलपुर के ग्राम प्र
UP : उत्तर प्रदेश के छठे वित्त आयोग की एक जरूरी बैठक 10 जून को लखनऊ में होने जा रही है। इस मीटिंग में पंचायतों और स्थानीय निकायों के विकास से जुड़ी कई अहम बातों पर चर्चा होगी। खास बात यह है कि भटपुरा रसूलपुर के ग्राम प्रधान भी इस बैठक का हिस्सा बनेंगे, जिससे गांव के विकास और बजट को लेकर बातचीत होगी।
छठे वित्त आयोग का गठन और मुख्य सदस्य कौन हैं?
UP सरकार ने छठे राज्य वित्त आयोग का गठन कर दिया है। पूर्व मुख्य सचिव N. Ravishankar को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। इनके साथ पूर्व IAS अधिकारी P.S. Jangpangi और Dr. M.C. Joshi सदस्य के तौर पर जुड़े हैं, जबकि Dr. Ahmed Iqbal को आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है।
आयोग का काम क्या होगा और समय सीमा क्या है?
इस आयोग का एक साल का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है। यह आयोग 1 अप्रैल 2026-27 से 2030-31 तक के पांच सालों के लिए अपनी सिफारिशें देगा। इसका मुख्य काम पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की आर्थिक हालत को देखना और उन्हें मजबूत बनाने के तरीके बताना है। इसमें टैक्स, फीस और टोल से होने वाली कमाई को पंचायतों और शहरों के बीच बांटने का फैसला लिया जाएगा।
फंड के बंटवारे में क्या बदलाव हुए हैं?
आयोग की नई सिफारिशों के बाद अब पैसों के बंटवारे के तरीके में बदलाव आया है। पहले पंचायती राज को 75.10% और नगर निकायों को 24.90% हिस्सा मिलता था, जिसे अब बदलकर नीचे दिए गए टेबल के अनुसार कर दिया गया है:
| संस्था |
पुराना हिस्सा (%) |
नया हिस्सा (%) |
| पंचायती राज |
75.10% |
73.2% |
| नगर निकाय |
24.90% |
26.8% |
इसके अलावा, पारदर्शिता लाने के लिए एक वेब पोर्टल भी बनाया जाएगा। अब ग्राम पंचायतों को सरकारी भवनों, आबादी और आय-खर्च का पूरा ब्योरा ऑनलाइन अपलोड करना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
छठे वित्त आयोग की बैठक कब और कहाँ होगी?
छठे वित्त आयोग की यह महत्वपूर्ण बैठक 10 जून को लखनऊ में आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय निकायों और पंचायतों के विकास पर चर्चा होगी।
वित्त आयोग की सिफारिशें कितने समय के लिए लागू होंगी?
आयोग की सिफारिशें 1 अप्रैल 2026-27 से लेकर 2030-31 तक की पांच साल की अवधि के लिए मान्य होंगी।