Maharashtra: कल्याण की Aadharwadi जेल में बंद 27 साल के एक विचाराधीन कैदी Rishikesh Pawar की मौत हो गई। डोंबिवली के रहने वाले ऋषिकेश पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था। उनकी मौत के बाद परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर लाप
Maharashtra: कल्याण की Aadharwadi जेल में बंद 27 साल के एक विचाराधीन कैदी Rishikesh Pawar की मौत हो गई। डोंबिवली के रहने वाले ऋषिकेश पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था। उनकी मौत के बाद परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।
क्या है पूरा मामला और परिवार के आरोप?
परिजनों के मुताबिक, मंगलवार 5 मई 2026 को शाम करीब 5 बजे ऋषिकेश ने सीने में दर्द, चक्कर आने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी। आरोप है कि जेल प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें रात करीब 9 बजे Ulhasnagar के Central Hospital ले जाया गया। अस्पताल पहुँचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिवार का दावा है कि उन्हें एम्बुलेंस के बजाय एक जेल अधिकारी की निजी गाड़ी से ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई।
जेल प्रशासन और पुलिस का क्या कहना है?
जेल अधीक्षक Pradeep Jagtap ने इन आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही ऋषिकेश की तबीयत बिगड़ी, उन्हें तुरंत जेल नर्स को दिखाया गया और बिना किसी देरी के अस्पताल भेजा गया। वहीं, Khadakpada पुलिस स्टेशन ने इस मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर Amarnath Waghmode ने बताया कि मौत की असली वजह जानने के लिए जांच की जा रही है और इस घटना की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऋषिकेश पवार जेल में क्यों बंद थे?
ऋषिकेश पवार डोंबिवली के रहने वाले थे और एक साप्ताहिक बाजार के विवाद से जुड़े हत्या के प्रयास (attempt to murder) के मामले में न्यायिक हिरासत में थे।
मृतक के परिवार ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
परिवार का आरोप है कि शाम 5 बजे शिकायत के बावजूद उन्हें रात 9 बजे अस्पताल ले जाया गया और एम्बुलेंस की जगह निजी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाज में देरी हुई।