Finance : भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड सेक्रेटरी Peter Kyle आज दिल्ली पहुंचे हैं। इस मुलाकात का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच होने वाले करीब 48 अरब पाउंड (लगभग
Finance : भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड सेक्रेटरी Peter Kyle आज दिल्ली पहुंचे हैं। इस मुलाकात का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच होने वाले करीब 48 अरब पाउंड (लगभग 64.7 अरब डॉलर) के व्यापार समझौते को जल्द से जल्द लागू करना है। Peter Kyle दिल्ली में भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal से मुलाकात करेंगे ताकि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की प्रक्रिया को तेजी दी जा सके।
UK-India ट्रेड डील से क्या होगा फायदा?
Peter Kyle ने कहा है कि यह ऐतिहासिक समझौता ब्रिटेन और भारत के कारोबारियों और ग्राहकों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। इस डील को ‘विन-विन’ एग्रीमेंट माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। व्यापार मंत्री भारतीय और ब्रिटिश उद्योग जगत के बड़े नेताओं से भी मिलेंगे ताकि बिजनेस जगत को इस समझौते के लागू होने के लिए तैयार किया जा सके।
डील में कौन सी बातें रुकावट बन रही हैं?
इस समझौते को पूरी तरह लागू करने में कुछ मुद्दे बाधा बन रहे हैं। ब्रिटेन ने स्टील आयात के नियमों को कड़ा किया है और 1 जुलाई 2026 से टैक्स फ्री स्टील कोटा में 60% की कटौती करने की योजना बनाई है। इसके अलावा 2027 से लागू होने वाला कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) भी भारत के लिए चिंता का विषय है। इससे भारत के लोहे, स्टील, एल्युमीनियम और सीमेंट जैसे सेक्टर के करीब 775 मिलियन डॉलर के निर्यात पर असर पड़ सकता है।
भारत का जवाबी रुख और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर ब्रिटेन स्टील आयात पर पाबंदियां लगाता है, तो भारत भी कुछ रियायतों पर दोबारा विचार कर सकता है। इसमें मुख्य रूप से स्कॉच व्हिस्की पर लगने वाले टैक्स की बात शामिल है। मौजूदा समझौते के तहत भारत ने व्हिस्की और जिन पर ड्यूटी 150% से घटाकर 75% करने और अगले 10 सालों में इसे 40% तक लाने पर सहमति जताई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UK-India ट्रेड डील की कुल वैल्यू कितनी है?
यह व्यापारिक रिश्ता लगभग 48 अरब पाउंड (करीब 64.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का है, जिसे जल्द लागू करने की कोशिश की जा रही है।
भारत के किन सामानों पर ब्रिटेन के नए नियमों का असर पड़ेगा?
ब्रिटेन के CBAM और स्टील नियमों से भारत के लोहा, स्टील, एल्युमीनियम, सीमेंट और उर्वरक जैसे सेक्टर के करीब 775 मिलियन डॉलर के निर्यात पर असर पड़ सकता है।