Mumbai में उद्धव ठाकरे की हुंकार, बोले- अब सिर्फ मंत्री नहीं बल्कि सरकार बदलने की लड़ाई शुरू होनी चाहिए
Maharashtra: पूर्व मुख्यमंत्री और Shiv Sena (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray ने मुंबई के शिवाजी पार्क में एक बड़ी रैली की। यह रैली एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk के समर्थन में आयोजित की गई थी। ठाकरे ने इस दौरान केंद्र सरकार पर त
Maharashtra: पूर्व मुख्यमंत्री और Shiv Sena (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray ने मुंबई के शिवाजी पार्क में एक बड़ी रैली की। यह रैली एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk के समर्थन में आयोजित की गई थी। ठाकरे ने इस दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अब लड़ाई सिर्फ शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अब सरकार बदलने की तैयारी शुरू होनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में गड़बड़ियों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर केंद्र सरकार ने देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए तुरंत चुनाव कराने की मांग की। ठाकरे ने यह सवाल भी उठाया कि प्रधानमंत्री सोनम वांगचुक से मुलाकात क्यों नहीं कर पा रहे हैं, जबकि अतीत में इंदिरा गांधी ने वांगचुक के पिता से मुलाकात की थी।
इस आंदोलन की पृष्ठभूमि यह है कि Sonam Wangchuk परीक्षा प्रणाली में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून 2026 से जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। 18 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि संवाद करने के बजाय उन्हें अस्पताल भेज दिया गया।
उधर, अस्पताल से ही सोनम वांगचुक ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया है। उन्होंने इसे भारत का ‘दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन’ बताया है ताकि अन्याय और डर से आजादी मिल सके। इसी बीच, Cockroach Janta Party (CJP) के अभिजीत डिपके ने भी वांगचुक के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
कानूनी मोर्चे पर, वांगचुक की पत्नी गितांजलि जे. अंगमो ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें निजी अस्पताल ले जाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि डॉक्टरों ने उनकी सहमति से इलाज किया है और कोई जबरदस्ती नहीं की गई। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए दिल्ली के केंद्रीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और बैरिकेडिंग कर दी है।