Maharashtra: शिव सेना (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को बिना किसी देरी के तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आरक्षण को परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया से जो
Maharashtra: शिव सेना (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को बिना किसी देरी के तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आरक्षण को परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया से जोड़ना गलत है और इस काम को अभी के लिए टाल देना चाहिए।
उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने क्या कहा?
Uddhav Thackeray ने साफ किया कि उनकी पार्टी महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं है और उन्होंने 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन भी किया था। वहीं, सांसद Sanjay Raut ने परिसीमन की प्रक्रिया को एक खतरनाक खेल बताया है। उनका कहना है कि सीटों की संख्या बढ़ाने की जरूरत नहीं है और मौजूदा सीटों के आधार पर ही 33% आरक्षण दिया जा सकता है।
केंद्र सरकार के नए बिल और प्रावधान क्या हैं?
केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए हैं ताकि 2029 के चुनाव से पहले आरक्षण लागू हो सके। इन बिलों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- Constitution (131st Amendment) Bill, 2026: इसमें महिलाओं के आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग करने का प्रस्ताव है।
- The Delimitation Bill, 2026: इसके तहत 2011 की जनगणना के डेटा का इस्तेमाल कर निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
- Union Territories Laws (Amendment) Bill, 2026: यह नियम दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों पर भी लागू होंगे।
सीटों की संख्या और सरकार का पक्ष क्या है?
प्रस्तावित कानून के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़कर लगभग 815-850 हो सकती है, जिसमें महिलाओं के लिए 272-283 सीटें आरक्षित होंगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा में कहा कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय सुधार है और परिसीमन के दौरान किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने बताया कि लक्ष्य इसे 2029 के आम चुनाव से पहले चालू करना है।