Rajasthan: उदयपुर संभाग से करीब 8 हजार लोग शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये सभी लोग 24 मई 2026 को दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाले राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक समागम में हिस्सा लेंगे। इस बड़े आयोजन में उदयपुर
Rajasthan: उदयपुर संभाग से करीब 8 हजार लोग शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये सभी लोग 24 मई 2026 को दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाले राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक समागम में हिस्सा लेंगे। इस बड़े आयोजन में उदयपुर सांसद Manna Lal Rawat ने भी लोगों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक समागम क्या है और क्यों हो रहा है
यह कार्यक्रम जनजातीय आइकन Birsa Munda की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी पहचान, विरासत और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। इस इवेंट की थीम ‘आप और मैं एक ही खून हैं: वनवासी, ग्रामवासी और नगरवासी, हम सब भारतीय हैं’ रखी गई है। इस समागम का आयोजन Janjati Suraksha Manch और Janjati Jagriti Samiti द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कौन शामिल होगा और क्या मांगें उठेंगी
इस कार्यक्रम में भारत के 500 से ज्यादा आदिवासी समुदायों के करीब 1.5 लाख लोगों के आने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी मांग यह उठ सकती है कि जिन आदिवासियों ने ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिया है, उन्हें Scheduled Tribe (ST) श्रेणी से बाहर किया जाए। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के सत्येंद्र सिंह ने कहा कि आदिवासियों के बारे में औपनिवेशिक दौर की गलत धारणाओं को सुधारना जरूरी है।
यात्रा और अन्य राज्यों की भागीदारी
उदयपुर के अलावा सोनभद्र और रांची जैसे इलाकों से भी आदिवासी समूह दिल्ली के लिए निकले हैं। रेलवे मंत्रालय ने प्रतिभागियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाई हैं, जिसमें रांची-नई दिल्ली-रांची स्पेशल ट्रेन भी शामिल है। आयोजकों ने यह साफ किया है कि सभी प्रतिभागी अपने खर्च पर इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं, उन्हें किसी बाहरी संगठन से वित्तीय मदद नहीं मिली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक समागम कब और कहाँ आयोजित होगा
यह कार्यक्रम 24 मई 2026 को नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है
यह कार्यक्रम बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाने, आदिवासी विरासत को संजोने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।