UAE में बिना लाइसेंस पैसे भेजने वाले शख्स को कोर्ट ने निकाला देश से बाहर, भारी जुर्माना और जब्ती के आदेश
World : UAE के शारजाह में एक एशियाई व्यक्ति को बिना लाइसेंस के मनी ट्रांसफर नेटवर्क चलाने के जुर्म में देश से डिपोर्ट कर दिया गया है। शारजाह मिसडिमिनर्स कोर्ट ने 20 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी को जेल भे
World : UAE के शारजाह में एक एशियाई व्यक्ति को बिना लाइसेंस के मनी ट्रांसफर नेटवर्क चलाने के जुर्म में देश से डिपोर्ट कर दिया गया है। शारजाह मिसडिमिनर्स कोर्ट ने 20 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी को जेल भेजने के बजाय उसे डिपोर्ट करने का आदेश दिया है।
अधिकारियों ने निगरानी और जांच के बाद इस अवैध नेटवर्क का पता लगाया था। आरोपी ने खुद स्वीकार किया कि वह बिना किसी कानूनी अनुमति के UAE से बाहर पैसे भेज रहा था। कोर्ट ने इस मामले में न केवल उसे देश से बाहर भेजने का आदेश दिया, बल्कि उसके पास से मिले सभी फंड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जब्त कर लिया है। साथ ही, केस का पूरा कानूनी खर्च भी आरोपी को ही उठाने को कहा गया है।
UAE के कानूनों के मुताबिक, इस तरह के काम मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस मामले में निम्नलिखित कड़े नियम लागू होते हैं:
- मनी लॉन्ड्रिंग कानून (Federal Law No. 20 of 2018): इसके आर्टिकल 22 के तहत दोषी पाए जाने पर 1 से 10 साल तक की जेल और 1 लाख से 50 लाख AED तक का जुर्माना हो सकता है।
- साइबर अपराध कानून (Federal Decree Law No. 34 of 2021): इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऐसे काम करने पर आर्टिकल 30 के तहत 10 साल तक की जेल और 50 लाख AED तक का जुर्माना लग सकता है।
UAE पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने इस मामले के बाद लोगों को चेतावनी दी है कि अनजान लोगों की मदद करने के लिए अपने बैंक अकाउंट या आईडी का इस्तेमाल न करें। अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर कोई अनजाने में भी किसी के पैसे ट्रांसफर करने में मदद करता है, तो उसे भी इन सख्त कानूनों के तहत सजा भुगतनी पड़ सकती है। कानून की जानकारी न होना बचाव का रास्ता नहीं होगा।