UAE ने लॉन्च किया दुनिया का पहला AI आधारित ज्यूडिशियल प्लेटफॉर्म, अब तेजी से होगा कोर्ट के केसों का निपटारा

World: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दुनिया का पहला पूरी तरह से एकीकृत AI-पावर्ड ज्यूडिशियल प्लेटफॉर्म पेश किया है। इस नई व्यवस्था का मकसद अदालती सेवाओं को और ज्यादा तेज, आसान और पारदर

World: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दुनिया का पहला पूरी तरह से एकीकृत AI-पावर्ड ज्यूडिशियल प्लेटफॉर्म पेश किया है। इस नई व्यवस्था का मकसद अदालती सेवाओं को और ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है ताकि लोगों को न्याय मिलने में कम समय लगे।

इस प्लेटफॉर्म की घोषणा UAE के उपराष्ट्रपति और डिप्टी प्राइम मिनिस्टर शेख मंसूर बिन जायद अल नाह्यान ने की। उन्होंने बताया कि न्याय प्रणाली को अधिक कुशल बनाने के लिए इनोवेशन बहुत जरूरी है। इस प्रोजेक्ट का पहला चरण सितंबर 2026 से शुरू होगा और अगले 18 महीनों के भीतर इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। अबू धाबी ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट (ADJD) के अंडरसेक्रेटरी यूसेफ सईद अल अबरी ने कहा कि यह कदम न्याय प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

इस सिस्टम की सबसे खास बात यह है कि फैसला सुनाने का पूरा अधिकार सिर्फ जजों के पास ही रहेगा। AI का इस्तेमाल केवल केस फाइलों के विश्लेषण, कानूनी दस्तावेजों की समीक्षा और पुराने फैसलों को जल्दी खोजने के लिए किया जाएगा। यह सिस्टम वकीलों और जजों को केस रिपोर्ट तैयार करने और कानूनी मेमो लिखने में मदद करेगा, जिससे मुकदमेबाजी का समय काफी कम हो जाएगा।

इस प्लेटफॉर्म को बनाने में अबू धाबी ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट के साथ गवर्नमेंट इनेबलमेंट डिपार्टमेंट और प्रेसिडेंशियल कोर्ट ने काम किया है। इसके अलावा Presight और AI71 जैसी कंपनियां भी कानूनी भाषा और डिजिटल सिस्टम को बेहतर बनाने में जुड़ी हुई हैं। UAE ने इसके लिए नेशनल स्ट्रैटेजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 2031 और जून 2024 के AI चार्टर जैसे नियम भी बनाए हैं ताकि डेटा की सुरक्षा और नैतिकता बनी रहे।