UAE में कृत्रिम बारिश के लिए AI और नैनो तकनीक का इस्तेमाल, गर्मी से निपटने के लिए बढ़ाए मिशन

World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बारिश करवाने के लिए क्लाउड सीडिंग तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। देश में बढ़ती गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए सरकार अब इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नैनो-म

World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बारिश करवाने के लिए क्लाउड सीडिंग तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। देश में बढ़ती गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए सरकार अब इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नैनो-मटेरियल्स जैसी आधुनिक तकनीकों को जोड़ रही है ताकि बारिश की मात्रा बढ़ाई जा सके।

नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी (NCM) ने जुलाई 2026 में पूर्वी पहाड़ों पर क्लाउड सीडिंग मिशन बढ़ा दिए हैं क्योंकि वहां तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था। इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 80 मिशन चलाए जा चुके हैं। इसका मुख्य मकसद पानी के संसाधनों को फिर से भरना और भीषण गर्मी से राहत दिलाना है।

बारिश करवाने के लिए अब नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। UAEREP के जरिए ऐसे नैनो-पाउडर तैयार किए गए हैं जो पुराने तरीकों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा असरदार हैं। इसके साथ ही AI का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस समय और किस बादल में सीडिंग करना सबसे सही रहेगा। NCM अब बादलों में सीधे इलेक्ट्रिक चार्ज भेजने के तरीके पर भी काम कर रहा है।

इस पूरे काम के लिए अमीरात वेदर एनहांसमेंट फैक्ट्री में खास तरह के फ्लेयर्स बनाए जाते हैं जिनमें पोटेशियम क्लोराइड और सोडियम क्लोराइड जैसे प्राकृतिक नमक का इस्तेमाल होता है। यह काम 9 पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम संभालती है।

अधिकारियों का कहना है कि क्लाउड सीडिंग का मकसद शून्य से बारिश पैदा करना नहीं, बल्कि मौजूद बादलों से ज्यादा पानी बरसाना है। इससे बारिश में 10% से 25% तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद रहती है। सुरक्षा कारणों से बहुत खराब मौसम या गंभीर तूफान के दौरान सीडिंग नहीं की जाती है।