UAE में बांग्लादेशियों के वीजा कैंसिल होने पर मचा हड़कंप, दूतावास ने जारी की चेतावनी
World: UAE में रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों के रेजिडेंस वीजा अचानक कैंसिल होने की खबरों से लोगों में काफी चिंता है। अब इस मामले पर अबू धाबी स्थित बांग्लादेश दूतावास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और लोगों को अफवाहों से बचने
World: UAE में रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों के रेजिडेंस वीजा अचानक कैंसिल होने की खबरों से लोगों में काफी चिंता है। अब इस मामले पर अबू धाबी स्थित बांग्लादेश दूतावास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है।
सोमवार, 27 जुलाई 2026 को अबू धाबी में बांग्लादेश दूतावास ने एक नोटिस जारी किया। दूतावास ने UAE अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर किन कारणों से बांग्लादेशी प्रवासियों के रेजिडेंस वीजा रद्द किए जा रहे हैं। कई ऐसे लोग जो UAE से बाहर थे, उन्होंने बताया कि बिना किसी जानकारी के उनके वीजा कैंसिल कर दिए गए, जिससे उनमें घबराहट का माहौल है।
दूतावास फिलहाल UAE के संबंधित विभागों से बातचीत कर रहा है ताकि सही जानकारी मिल सके। जांच की जा रही है कि क्या यह किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ है या इसके पीछे कोई और वजह है। बांग्लादेश सरकार के विदेश मंत्रालय और प्रवासी कल्याण मंत्रालय के बड़े अधिकारी भी इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। रविवार, 26 जुलाई 2026 को प्रवासी कल्याण राज्य मंत्री नूरुल हक नूर ने पुष्टि की कि सरकार को इस समस्या की जानकारी है और समाधान के लिए बातचीत चल रही है।
दूतावास ने प्रवासियों को सोशल मीडिया पर चल रही अधूरी और गलत खबरों पर भरोसा न करने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि लोग केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही यकीन करें।
वीजा नियमों से जुड़ी जरूरी बातें:
- UAE सरकार ने 2026 में किसी भी तरह के जनरल वीजा बैन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
- अगर कोई प्रवासी लगातार 180 दिनों से ज्यादा समय तक UAE से बाहर रहता है, तो उसका वीजा अपने आप खत्म हो जाता है।
- रेजिडेंस वीजा को केवल स्पॉन्सर ही कैंसिल करवा सकता है।
- वीजा कैंसिल होने के बाद 30 से 180 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलता है, जिसके बाद रुकने पर 50 AED प्रतिदिन का जुर्माना लगता है।
इससे पहले भी जनवरी 2026 से वीजा बैन की खबरें आई थीं, जिन्हें दूतावास ने गलत बताया था। जांच में पाया गया कि ये अफवाहें ‘uaevisaonline.com’ जैसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए फैलाई जा रही थीं।