Bihar के पटना पहुंचने वाला है ‘त्रिशूल’ कार्गो जहाज, गुवाहाटी से बांग्लादेश होते हुए तय करेगा 2350 किमी का सफर
Bihar: राष्ट्रीय जलमार्ग के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि होने जा रही है। गुवाहाटी से बांग्लादेश के रास्ते पटना आने वाला ‘त्रिशूल’ कार्गो टग अपने दो बार्ज ‘दिखू’ और ‘अजय’ के साथ देश के सब
Bihar: राष्ट्रीय जलमार्ग के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि होने जा रही है। गुवाहाटी से बांग्लादेश के रास्ते पटना आने वाला ‘त्रिशूल’ कार्गो टग अपने दो बार्ज ‘दिखू’ और ‘अजय’ के साथ देश के सबसे लंबे अंतरदेशीय जलमार्ग सफर को पूरा कर रहा है। यह जहाज करीब 2350 किलोमीटर की दूरी तय करके 13 जून को भागलपुर होते हुए पटना पहुंचने की संभावना थी।
इस जहाज पर लगभग 1500 मीट्रिक टन सीमेंट लदा हुआ है। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अधिकारी इस पूरी यात्रा की लगातार निगरानी कर रहे हैं और जहाज की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। यह सफर गुवाहाटी से शुरू हुआ और राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2, इंडो-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (राष्ट्रीय जलमार्ग-97) और फिर राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) का इस्तेमाल कर पटना की ओर बढ़ रहा है। इस पूरी यात्रा के दौरान जहाज को 27 नदियों को पार करना होगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज का नाम | त्रिशूल कार्गो टग (बार्ज: दिखू और अजय) |
| कुल दूरी | लगभग 2350 किलोमीटर |
| लदा हुआ माल | 1500 मीट्रिक टन सीमेंट |
| रवाना होने की तारीख | 25 मई, 2026 (गुवाहाटी से) |
| संभावित आगमन | 13 जून, 2026 (पटना) |
| मुख्य मार्ग | NW-2, NW-97 और NW-1 |
इस यात्रा को भारत के जल परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इससे यह पता चलता है कि अब माल ढोने के लिए जलमार्गों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जो सड़क और रेल के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है। इससे सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की क्षमता और रफ़्तार में सुधार होगा। इससे पहले मार्च 2026 में ‘त्रिशूल’ ने कोलकाता से गुवाहाटी तक सीमेंट पहुंचाया था, जो ‘जलवाहक’ योजना के तहत पहली अनुसूचित माल ढुलाई सेवा थी।