West Bengal में स्वास्थ्य योजना पर उठे सवाल, Third Mumbai की तैयारी और Karnataka में गुटखा-पान मसाला बैन

West Bengal/Maharashtra/Karnataka: देश के अलग-अलग राज्यों से तीन बड़ी खबरें सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल में TMC से जुड़ी एक स्वास्थ्य योजना विवादों में घिर गई है, महाराष्ट्र में ‘थर्ड मुंबई’ शहर बसाने की तैयार

West Bengal/Maharashtra/Karnataka: देश के अलग-अलग राज्यों से तीन बड़ी खबरें सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल में TMC से जुड़ी एक स्वास्थ्य योजना विवादों में घिर गई है, महाराष्ट्र में ‘थर्ड मुंबई’ शहर बसाने की तैयारी शुरू हो गई है और कर्नाटक सरकार ने राज्य में गुटखा और पान मसाला की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी से जुड़ी ‘Sebaashray’ स्वास्थ्य पहल पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि इस योजना के तहत गलत इलाज की वजह से लोगों के अंग काटने पड़े या वे दिव्यांग हो गए। साथ ही बिना अनुमति एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनों के इस्तेमाल और एक्सपायर हो चुकी दवाइयां देने के दावे किए गए हैं। इस मामले में जुलाई 2026 में कई FIR दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे एक घोटाला बताते हुए CID और STF जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एक नर्सिंग होम का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है, हालांकि अभिषेक बनर्जी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में मुंबई की भीड़ कम करने के लिए ‘Third Mumbai’ यानी Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन पर काम शुरू हो गया है। MMRDA ने इसके मास्टर प्लान के लिए सिंगापुर की कंपनी Surbana Jurong Infrastructure के साथ समझौता किया है। यह प्रोजेक्ट रायगढ़ जिले के पनवेल, उरण और पेन तालुकों के 124 गांवों में करीब 323 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए आपसी सहमति, FSI या 22.5% विकसित जमीन देने का प्रावधान किया है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और MNS चीफ राज ठाकरे ने इसका विरोध किया है और इसे जमीन हड़पने की कोशिश बताया है।

वहीं, कर्नाटक सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए 10 अगस्त 2026 से एक साल के लिए गुटखा, पान मसाला और तंबाकू युक्त उत्पादों के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। यह आदेश फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत जारी किया गया है। राज्य के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने इसकी निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया है। फूड सेफ्टी कमिश्नर श्रीनिवास के. ने कहा कि यह कदम राज्य को नशे से मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिए उठाया गया है।