Bhagalpur: TMBU में शिक्षक नियमावली 2026 के खिलाफ महाधरना, अतिथि शिक्षकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर विवादों और प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है। सोमवार, 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में अतिथि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने एक विशाल ध
Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर विवादों और प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है। सोमवार, 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में अतिथि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध मुख्य रूप से बिहार स्टेट हायर एजुकेशन बिल और सहायक प्राध्यापक विनियम-2026 के खिलाफ था।
इस महाधरने को विश्वविद्यालय के नियमित शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों का भी पूरा समर्थन मिला। विरोध जताने के लिए नियमित शिक्षकों ने इस दिन काली पट्टी बांधकर अपना काम किया। इससे पहले 26 जुलाई को ही शिक्षकों ने प्रस्तावित अधिनियम के विरोध में काली पट्टी बांधने का फैसला ले लिया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये नए नियम विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को खत्म करेंगे और उच्च शिक्षा के स्तर पर बुरा असर डालेंगे।
अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद आजाद ने साफ कहा कि नई नियुक्ति नियमावली-2026 यूजीसी (UGC) रेगुलेशन-2018 के नियमों का उल्लंघन करती है। इससे पहले 5 जुलाई को भी अतिथि शिक्षकों ने इन नियमावलियों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया था। तनाव तब और बढ़ गया जब 20 जून को राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने अनियमितताओं का हवाला देते हुए 70 अतिथि संकाय सदस्यों की नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। इसके बाद से हटाए गए शिक्षक अपनी बहाली के लिए थाली बजाकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद के बीच राज्यपाल ने बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की पदोन्नति के लिए CAS-2026 को मंजूरी दी है, जो 24 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इस नई प्रणाली में प्रमोशन के लिए 70% कक्षा उपस्थिति अनिवार्य होगी और शिक्षण व शोध कार्य के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं, शिक्षा विभाग ने 26 जून को सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए पोर्टल-आधारित स्थानांतरण नियमावली भी जारी की है। फिलहाल TMBU के शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।