Bhagalpur: TMBU में हटाए गए अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, थाली बजाकर जताया विरोध
Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में नौकरी से हटाए गए अतिथि शिक्षकों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार, 25 जून को आंदोलन के छठे दिन शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर थाल
Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में नौकरी से हटाए गए अतिथि शिक्षकों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार, 25 जून को आंदोलन के छठे दिन शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन को मुख्य गेट पर ताला लगाना पड़ा और वहां अफरा-तफरी मच गई।
यह पूरा विवाद अप्रैल 2025 में नियुक्त हुए 70 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त करने से शुरू हुआ है। राजभवन ने 13 जून, 2026 को एक नोटिस जारी कर इन नियुक्तियों में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन की बात कही थी, जिसके बाद कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे ने 20 जून को सेवा समाप्ति की अधिसूचना जारी की। इसी आदेश के खिलाफ शिक्षक शुक्रवार से ही धरने पर बैठे हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह सही प्रक्रिया से हुई थी और उन्होंने 11 महीने काम किया, लेकिन उन्हें नियमित वेतन नहीं मिला। कई शिक्षकों ने दावा किया है कि उन्हें अब तक 11 महीने का मानदेय भी नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। कुछ शिक्षक आर्थिक तंगी से इतने परेशान हैं कि उन्होंने परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग तक कर दी है।
अतिथि शिक्षकों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- सेवा समाप्ति के आदेश को तुरंत वापस लेकर उन्हें बहाल किया जाए।
- एक उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच समिति बनाई जाए, जिसमें दूसरे विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हों।
- पिछली दो कमेटियों की रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा की जाए।
शिक्षकों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि सेवा विस्तार और नवीनीकरण के नाम पर उनसे अवैध पैसों की मांग की गई थी। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सुरक्षा के लिए कुलपति आवास के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे कुलपति और कुलसचिव का घेराव करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे। अब ये शिक्षक इस मामले को लेकर पटना हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।