Maharashtra: Tata Institute of Social Sciences (TISS) के नए और पहले सरकारी नियुक्त वाइस चांसलर (VC) बद्री नारायण तिवारी ने संस्थान की छवि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि TISS को सरकार विरोधी या ‘एंटी-गवर
Maharashtra: Tata Institute of Social Sciences (TISS) के नए और पहले सरकारी नियुक्त वाइस चांसलर (VC) बद्री नारायण तिवारी ने संस्थान की छवि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि TISS को सरकार विरोधी या ‘एंटी-गवर्नमेंट’ बताना गलत है और यह धारणा सच नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अब संस्थान पुराने ‘टाटा मोड’ से निकलकर सरकारी जवाबदेही वाले ढांचे की तरफ बढ़ेगा।
TISS में क्या बदलाव आएंगे और VC की क्या सोच है?
VC बद्री नारायण तिवारी ने The Indian Express को दिए इंटरव्यू में कहा कि यूनिवर्सिटीज पढ़ाई और अकादमिक चर्चा के लिए होती हैं, न कि राजनीतिक नारेबाजी के लिए। उन्होंने जोर दिया कि कैंपस में बहस और पढ़ाई की आजादी तो रहेगी, लेकिन माहौल पढ़ाई वाला होना चाहिए। तिवारी ने बताया कि TISS ने हमेशा अलग-अलग सरकारों के साथ मिलकर रिसर्च और सोशल डेवलपमेंट पर काम किया है, इसलिए इसे सरकार विरोधी कहना सही नहीं है।
नियमों में बदलाव और नई नियुक्ति का क्या मतलब है?
प्रोफेसर बद्री नारायण तिवारी की नियुक्ति 2023 के नए UGC नियमों के तहत हुई है। इन नियमों के मुताबिक, जिन डीम्ड यूनिवर्सिटीज को 50% से ज्यादा फंड सरकार से मिलता है, वहां का हेड केंद्र सरकार नियुक्त करेगी। पहले TISS का गवर्नेंस टाटा ट्रस्ट्स के हाथ में था, लेकिन अब इसे एक एग्जीक्यूटिव काउंसिल संभालेगी जिसके मुखिया वाइस चांसलर होंगे। प्रोफेसर तिवारी ने 30 जुलाई 2025 को यह पद संभाला था और उनका कार्यकाल पांच साल का है।
कौन हैं बद्री नारायण तिवारी?
बद्री नारायण तिवारी एक सोशल हिस्टोरियन और कल्चरल एंथ्रोपोलॉजिस्ट हैं। VC बनने से पहले वह प्रयागराज के GB Pant Social Science Institute के डायरेक्टर रह चुके हैं। उन्होंने अप्रैल 2026 में UGC के इक्विटी रेगुलेशन पर भी अपने विचार रखे थे, जिसमें उन्होंने कैंपस में समानता और न्याय की बात की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TISS के नए वाइस चांसलर की नियुक्ति किस नियम के तहत हुई है?
उनकी नियुक्ति 2023 के संशोधित UGC नियमों के तहत हुई है। इसके अनुसार, 50% से अधिक सरकारी फंड पाने वाली डीम्ड यूनिवर्सिटीज के प्रमुख की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है।
VC बद्री नारायण तिवारी ने ‘टाटा मोड’ के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि संस्थान को अब पुराने ‘टाटा मोड’ से निकलकर एक अधिक जवाबदेह सरकारी संस्थान ढांचे (government-institution framework) की ओर बढ़ना चाहिए।