Maharashtra: ठाणे के मोघरपाडा में बनने वाले मुंबई मेट्रो के सबसे बड़े डिपो का काम एक बार फिर अटक गया है। कानूनी अड़चनें दूर होने के करीब एक साल बाद भी जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया है। अब परेशान किसान इस मामले को लेकर अग
Maharashtra: ठाणे के मोघरपाडा में बनने वाले मुंबई मेट्रो के सबसे बड़े डिपो का काम एक बार फिर अटक गया है। कानूनी अड़चनें दूर होने के करीब एक साल बाद भी जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया है। अब परेशान किसान इस मामले को लेकर अगले एक महीने में Supreme Court जाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे प्रोजेक्ट में और देरी हो सकती है।
किस बात पर विवाद है और किसान क्या चाहते हैं?
यह विवाद साल 2018 से चल रहा है जब जमीन अधिग्रहण शुरू हुआ था। करीब 198 किसान इस जमीन पर धान की खेती कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि उन्हें 2013 के कानून के तहत बाजार भाव के हिसाब से पैसों का मुआवजा मिले ताकि वे दूसरी जगह खेती की जमीन खरीद सकें। सरकार CIDCO की पॉलिसी के हिसाब से विकसित जमीन दे रही है, जिसे किसान अपने काम का नहीं मान रहे हैं।
मेट्रो प्रोजेक्ट और समय-सीमा का क्या हाल है?
MMRDA ने दो साल पहले ही 174.01 हेक्टेयर जमीन का कब्जा ले लिया था, लेकिन किसानों के विरोध के कारण फिजिकल एक्सेस नहीं मिल पाया है। इस डिपो का इस्तेमाल मेट्रो लाइन 4, 4A, 10 और 11 के लिए किया जाना है। हालांकि, शुरुआती दौर में ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम रहेगी, लेकिन इंटरिम पिट-लाइन सुविधाओं की वजह से मेट्रो लाइन 4 और 4A के शुरुआती संचालन में देरी होने की उम्मीद नहीं है।
अब तक की कानूनी और सरकारी कार्रवाई क्या रही?
| तारीख/साल |
क्या हुआ |
| 2018 |
जमीन अधिग्रहण शुरू हुआ, 198 किसान मिले |
| अक्टूबर 2023 |
राज्य सरकार ने 174.76 हेक्टेयर जमीन MMRDA को दी |
| जून 2025 |
Bombay High Court ने किसानों की याचिका खारिज की |
| अक्टूबर 2025 |
पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) मिली |
| नवंबर 2025 |
MMRDA ने लीजहोल्ड प्लॉट को फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव दिया |