Maharashtra: ठाणे के लोगों के लिए मेट्रो का इंतजार अब विवादों में बदल गया है। Nagpur स्थित Mahametro ने 29 किलोमीटर लंबे Thane Internal Metro Rail प्रोजेक्ट के रूट और स्टेशनों की जगह बदलने का प्रस्ताव रखा है। इस बदलाव के
Maharashtra: ठाणे के लोगों के लिए मेट्रो का इंतजार अब विवादों में बदल गया है। Nagpur स्थित Mahametro ने 29 किलोमीटर लंबे Thane Internal Metro Rail प्रोजेक्ट के रूट और स्टेशनों की जगह बदलने का प्रस्ताव रखा है। इस बदलाव के बाद स्थानीय लोग काफी नाराज हैं और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मेट्रो रूट में क्या बदलाव हुए और क्यों है विरोध?
15 अप्रैल 2026 को Hiranandani Estate के कुछ हिस्सों में जब ठेकेदारों ने बैरिकेड्स लगाने शुरू किए, तब लोगों को रूट बदलने की जानकारी मिली। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस बड़े बदलाव से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली गई। लोगों को डर है कि नए रूट की वजह से शांत इलाकों में भीड़ बढ़ जाएगी और शहर की बनावट बिगड़ जाएगी। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यह फैसला आखिरी समय में लिया गया था।
MahaMetro ने बदलावों के पीछे क्या कारण बताए?
MahaMetro के अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशनों के इस्तेमाल को बेहतर बनाने के लिए ये बदलाव जरूरी थे। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- Waghbil स्टेशन को डेवलपमेंट प्लान रोड से जोड़ने के लिए रूट को करीब 400 मीटर खिसकाया गया है।
- Defence land के पास ट्रैक के मोड़ (curve) को आसान बनाया गया है।
- एक एलिवेटेड स्टेशन को Upvan की तरफ शिफ्ट किया गया है।
प्रोजेक्ट की लागत और स्टेशनों की जानकारी
इस प्रोजेक्ट के सिविल कॉन्ट्रैक्ट के लिए BBG Infrastructure Private Limited एकमात्र बोली लगाने वाली कंपनी रही है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत 223.7 करोड़ रुपये है और काम पूरा करने के लिए 30 महीने का समय दिया गया है।
| स्टेशन का नाम |
प्रोजेक्ट विवरण |
| Dr. Kashinath Ghanekar Natyagruha |
Elevated Station |
| Manpada |
Elevated Station |
| Dongripada |
Elevated Station |
| Vijay Nagari |
Elevated Station |
| Waghbil |
Elevated Station |
| Waterfront |
Elevated Station |
टाउन प्लानिंग एक्सपर्ट Sulakshana Mahajan ने कहा कि बहुत से लोग इन बदलावों से अनजान हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले सभी प्रभावित लोगों को विश्वास में लेना जरूरी है क्योंकि इससे रिहायशी और कमर्शियल इमारतों पर असर पड़ सकता है।