Maharashtra: ठाणे के Civil Hospital में एक चार दिन के नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक गंभीर केस की जिम्मेदारी एक Intern डॉक्टर को दे दी
Maharashtra: ठाणे के Civil Hospital में एक चार दिन के नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक गंभीर केस की जिम्मेदारी एक Intern डॉक्टर को दे दी गई थी। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की समीक्षा की और संबंधित Intern डॉक्टर की प्लेसमेंट खत्म कर दी है।
नवजात की मौत और लापरवाही के आरोप क्या हैं?
यह बच्चा 6 जून 2026 को सातवें महीने में समय से पहले पैदा हुआ था। जन्म के समय इसका वजन सिर्फ 800 ग्राम था और इसे NICU में रखा गया था। शिव सेना (UBT) के महेश कदम ने आरोप लगाया कि सोमवार को जब मां ने बच्चे को दूध पिलाने की कोशिश की, तो बच्चा दूध नहीं पी पा रहा था। आरोप है कि एक Intern डॉक्टर ने फीडिंग ट्यूब तो लगाई, लेकिन बच्चे के ऑक्सीजन लेवल गिरने पर भी ध्यान नहीं दिया। बाद में सीनियर डॉक्टरों ने हस्तक्षेप किया, लेकिन अगली सुबह बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल प्रशासन और नियमों का क्या कहना है?
Thane Civil Hospital के अधिकारियों का कहना है कि बच्चा जन्म से ही गंभीर स्थिति में था और लगातार निगरानी में था। अस्पताल ने यह भी साफ किया कि Intern डॉक्टरों को जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि, एक सीनियर डॉक्टर ने पुष्टि की है कि इस मामले में शामिल डॉक्टर की इंटर्नशिप रद्द कर दी गई है। National Medical Commission के 2021 के नियमों के मुताबिक, ICU में तैनात इंटर्न को सीनियर की देखरेख में मरीजों के वाइटल साइंस की निगरानी और शुरुआती इलाज करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बच्चे की मौत का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
बच्चा समय से पहले (7वें महीने में) पैदा हुआ था और वजन केवल 800 ग्राम था। परिजनों का आरोप है कि Intern डॉक्टर ने ऑक्सीजन लेवल गिरने की अनदेखी की, जिससे स्थिति बिगड़ी।
अस्पताल ने इस घटना के बाद क्या कार्रवाई की है?
अस्पताल प्रशासन ने मामले की समीक्षा की और संबंधित Intern डॉक्टर की प्लेसमेंट (इंटर्नशिप) को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है।