Mumbai की हाई-पेइंग जॉब छोड़कर घर लौटे टेकिए, 40 हजार की सैलरी में खुद को बताया ज्यादा अमीर
Finance: मुंबई जैसे बड़े शहर में लाखों की सैलरी मिलने के बावजूद एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी नौकरी छोड़कर अपने छोटे शहर वापस लौटने का फैसला किया। शुभ जैन नाम के इस टेकिए का मानना है कि अपने होमटाउन में 40 हजार रुपये मही
Finance: मुंबई जैसे बड़े शहर में लाखों की सैलरी मिलने के बावजूद एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी नौकरी छोड़कर अपने छोटे शहर वापस लौटने का फैसला किया। शुभ जैन नाम के इस टेकिए का मानना है कि अपने होमटाउन में 40 हजार रुपये महीना कमाना, मुंबई में 1.2 लाख रुपये कमाने से कहीं ज्यादा सुकूनदेह और ‘अमीर’ महसूस कराने वाला है।
शुभ जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में करियर ग्रोथ, नेटवर्किंग और आत्मविश्वास तो बढ़ा, लेकिन वह मानसिक रूप से पूरी तरह थक चुके थे। शहर की भागदौड़ और महंगे खर्चों ने उनकी मानसिक शांति छीन ली थी।
शुभ ने मुंबई में अपने महीने के खर्चों का पूरा हिसाब दिया, जिससे पता चलता है कि ज्यादा सैलरी होने के बाद भी बचत करना कितना मुश्किल था:
| खर्च का विवरण | अनुमानित राशि (प्रति महीना) |
|---|---|
| 1 BHK घर का किराया | ₹30,000 |
| किराना और जरूरी सामान | ₹60,000 |
| घर की मदद और लॉन्ड्री | ₹3,000 |
| WiFi और बिजली बिल | ₹3,000 |
| बाहर का खाना (Food Delivery) | ₹7,000 |
| आने-जाने का खर्च (Commute) | ₹5,000 |
| वीकेंड और सोशल लाइफ | ₹8,000 |
शुभ ने यह भी बताया कि इन सबके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग और बिना सोचे-समझे की गई खरीदारी पर भी काफी पैसे खर्च होते थे। जब वह अपने होमटाउन (टियर 3 शहर) लौटे, तो वहां उनकी शुरुआती कमाई करीब 40 हजार रुपये थी।
उनके अनुसार, अपने घर में रहने से किराए का दबाव खत्म हो गया, रहने की जगह बड़ी मिली और परिवार के साथ घर का बना खाना मिलने लगा। इस धीमी जीवनशैली की वजह से अब उनके लिए पैसे बचाना आसान हो गया है। शुभ ने साफ किया कि वह टियर 3 शहरों को टियर 1 से बेहतर नहीं बता रहे, बल्कि यह कह रहे हैं कि उनके लिए घर लौटने से जिंदगी फिर से ‘इंसानी’ महसूस होने लगी है।