Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव स्थित Tech Mahindra ऑफिस में धार्मिक भेदभाव और भेदभावपूर्ण माहौल होने के दावे किए गए थे। इन आरोपों के बाद अब कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपनी सफाई दी है। कंपनी ने कहा कि अंदरूनी जांच में ये सभ
Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव स्थित Tech Mahindra ऑफिस में धार्मिक भेदभाव और भेदभावपूर्ण माहौल होने के दावे किए गए थे। इन आरोपों के बाद अब कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपनी सफाई दी है। कंपनी ने कहा कि अंदरूनी जांच में ये सभी बातें गलत और निराधार पाई गई हैं। यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर कुछ दावे किए गए थे।
क्या थे मुख्य आरोप और कंपनी का जवाब?
बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील Ashutosh J. Dubey ने सोशल मीडिया पर एक गुमनाम कर्मचारी का मैसेज शेयर किया था। इसमें भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव, त्योहारों पर खास लोगों को फायदा देने और ऑफिस में ‘Footwear Free Zone’ (जूते उतारने का क्षेत्र) होने जैसे आरोप लगाए गए थे। Tech Mahindra ने इन सभी बातों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि ‘Footwear Free Zone’ वाली फोटो उनके किसी भी ऑफिस की नहीं है और भर्ती को लेकर किए गए दावे झूठे हैं।
कंपनी ने अपनी कार्यसंस्कृति पर क्या कहा?
Tech Mahindra ने साफ किया कि वह एक ऐसी जगह है जहां हर कर्मचारी को सम्मान और बराबरी का हक मिलता है। कंपनी ने कहा कि धर्म के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव वहां नहीं होता है। कंपनी ने आगे ये बातें भी बताई हैं:
- आंतरिक समीक्षा में सोशल मीडिया के दावे गलत पाए गए।
- कंपनी सभी के लिए समावेशी और सम्मानजनक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
- भविष्य में भी कंपनी अपनी नीतियों की समीक्षा करती रहेगी ताकि कोई गलत व्यवहार न हो।
TCS नासिक मामले का क्या है कनेक्शन?
आईटी सेक्टर में यह विवाद ऐसे समय में आया है जब TCS के नासिक यूनिट में भी यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव जैसे गंभीर आरोप लगे थे। उस मामले में पुलिस जांच हुई और गिरफ्तारियां भी हुई थीं। इसी वजह से अब टेक कंपनियों के कामकाज और वहां के माहौल पर ज्यादा नजर रखी जा रही है।