Maharashtra: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नाशिक ऑफिस में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और बदसलूकी का गंभीर मामला सामने आया है। नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) की एक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऑफिस में POSH ए
Maharashtra: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नाशिक ऑफिस में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और बदसलूकी का गंभीर मामला सामने आया है। नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) की एक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऑफिस में POSH एक्ट (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून) का पालन बिल्कुल नहीं किया गया। यह रिपोर्ट 8 मई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई है, जिसमें ऑफिस के माहौल को बेहद जहरीला बताया गया है।
NCW की रिपोर्ट में क्या गंभीर बातें सामने आईं?
NCW की रिपोर्ट के मुताबिक, नाशिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न और सिस्टमैटिक बुलिंग (मानसिक प्रताड़ना) आम थी। रिपोर्ट में कहा गया कि यहाँ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली बातें भी की गईं। जस्टिस साधना जाधव की अगुवाई वाली टीम ने पाया कि Gen Z यानी युवा कर्मचारी इस दबाव और माहौल के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कमेटी ने पाया कि पुणे और नाशिक दोनों ऑफिसों के लिए एक ही इंटरनल कमेटी (IC) थी, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। ऑफिस में न तो कोई सूचना बोर्ड था और न ही कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दी गई थी।
आरोपियों पर क्या कार्रवाई हुई और कंपनी का क्या कहना है?
इस मामले में नाशिक पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट में दानिश शेख, तौसिफ अत्तार, रजा मेमन और अश्विनी चैनानी जैसे नामों का जिक्र है, जिन पर युवा लड़कियों को टारगेट करने का आरोप है। 11 मई को कोर्ट ने आरोपी निदा खान को 24 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दूसरी तरफ, TCS ने इन दावों को नकारा है। कंपनी का कहना है कि सभी कर्मचारियों को POSH ट्रेनिंग दी गई थी और CCTV कैमरे चालू थे। हालांकि, कंपनी ने अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है, जिसका नेतृत्व COO आरती सुब्रमण्यन कर रही हैं और इसके लिए Deloitte और Trilegal जैसी बाहरी टीमों की मदद ली जा रही है।
कानूनी कार्रवाई के लिए क्या सुझाव दिए गए?
NCW ने सिफारिश की है कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78, 79 और 299 के तहत मामला चलाया जाए। ये धाराएं यौन उत्पीड़न, पीछा करने, मर्यादा भंग करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से जुड़ी हैं। साथ ही, गवाहों की सुरक्षा के लिए विटनेस प्रोटेक्शन एक्ट 2017 का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर POSH एक्ट की धाराओं का सख्ती से पालन नहीं हुआ, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
POSH एक्ट क्या है और TCS नाशिक ऑफिस में इसका क्या उल्लंघन हुआ?
POSH एक्ट 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने और उसकी शिकायत सुनने के लिए बनाया गया कानून है। NCW की रिपोर्ट के अनुसार, TCS नाशिक ऑफिस में कोई स्थानीय इंटरनल कमेटी नहीं थी और न ही नियमों के बारे में कोई जानकारी बोर्ड पर लगी थी।
इस मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
नाशिक पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी निदा खान को कोर्ट ने 24 मई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और NCW ने आरोपियों पर BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की सिफारिश की है।