इन 6 तरीकों से होने वाली कमाई पर नहीं देना होगा टैक्स, ITR दाखिल करने से पहले जान लें नियम

Finance : भारत में आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का समय चल रहा है. अक्सर लोग अपनी पूरी कमाई पर टैक्स देने की चिंता करते हैं, लेकिन आयकर अधिनियम, 1961 में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जिनके तहत कई तरह की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता

Finance : भारत में आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का समय चल रहा है. अक्सर लोग अपनी पूरी कमाई पर टैक्स देने की चिंता करते हैं, लेकिन आयकर अधिनियम, 1961 में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जिनके तहत कई तरह की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है. अगर आप भी टैक्स बचाने के तरीके ढूंढ रहे हैं, तो इन छह आय स्रोतों के बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है.

करदाताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख आमतौर पर 31 जुलाई, 2025 है. कुछ खास मामलों में इसे 15 सितंबर, 2025 तक बढ़ाया जा सकता है. टैक्स छूट के नियमों को समझने से आप अपनी मेहनत की कमाई को सही तरीके से मैनेज कर सकते हैं.

आय का स्रोत टैक्स छूट के नियम और शर्तें
रिश्तेदारों से तोहफे पति/पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन जैसे करीब 51 तरह के रिश्तेदारों से मिले तोहफे पूरी तरह टैक्स फ्री हैं. शादी पर गैर-रिश्तेदारों से मिले तोहफे 50,000 रुपये तक कर-मुक्त होते हैं.
खेती से कमाई भारत में स्थित कृषि भूमि से होने वाली आय (धारा 10(1)) पर कोई टैक्स नहीं है. इसमें फसल की बिक्री और जमीन का किराया शामिल है, लेकिन विदेश की जमीन से कमाई पर टैक्स देना होगा.
विरासत में संपत्ति मृत्यु के बाद कानूनी वारिसों को मिली संपत्ति पर कोई टैक्स नहीं लगता. हालांकि, उस संपत्ति से आगे होने वाली कमाई (जैसे किराया) या उसे बेचने पर होने वाले लाभ पर टैक्स लगेगा.
बचत योजनाओं का ब्याज PPF (ब्याज 7.1%), सुकन्या समृद्धि योजना (ब्याज 8.2%) और EPF/VPF से मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स फ्री होती है.
जीवन बीमा राशि धारा 10(10D) के तहत मैच्योरिटी राशि टैक्स फ्री है. पारंपरिक पॉलिसियों के लिए कुल वार्षिक प्रीमियम 5 लाख रुपये तक और ULIPs के लिए 2.5 लाख रुपये तक की सीमा है.
फर्म या LLP का लाभ पार्टनरशिप फर्म या LLP से मिलने वाला लाभ का हिस्सा टैक्स फ्री होता है क्योंकि फर्म पहले ही टैक्स दे चुकी होती है. लेकिन वेतन, बोनस या कमीशन पर टैक्स लगेगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े नकद लेनदेन हमेशा बैंक के जरिए ही करें, क्योंकि 2 लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर जुर्माना लग सकता है. साथ ही, 1 अप्रैल 2025 से पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर्स को होने वाले भुगतान पर 20,000 रुपये से अधिक होने पर 10% TDS (धारा 194T) काटा जाएगा.