Mumbai में CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान फहद अहमद हिरासत में, पत्नी Swara Bhasker ने वीडियो शेयर कर जताया विरोध
Maharashtra: मुंबई के दादर इलाके में चैत्यभूमि पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने फहद अहमद को हिरासत में ले लिया है। फहद अहमद मशहूर अभिनेत्री Swara Bhasker के पति और एक राजनीतिक एक्टिविस्ट हैं। यह पूरी घटना सोमवा
Maharashtra: मुंबई के दादर इलाके में चैत्यभूमि पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने फहद अहमद को हिरासत में ले लिया है। फहद अहमद मशहूर अभिनेत्री Swara Bhasker के पति और एक राजनीतिक एक्टिविस्ट हैं। यह पूरी घटना सोमवार, 20 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:30 बजे की है जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया।
Swara Bhasker ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उनके पति को पुलिस हिरासत में ले जाते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि फहद और अन्य प्रदर्शनकारियों को माहिम पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। स्वारा ने इस पूरी स्थिति को शर्मनाक बताया। इस मामले में पुलिस अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया कर रही है।
यह विरोध प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे को लेकर थी। साथ ही वे जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के प्रति अपना समर्थन भी जता रहे थे। इसी समय दिल्ली में भी ‘संसद चलो’ आंदोलन चल रहा था जहां पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जिससे कई लोग घायल हुए।
मुंबई पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक शहर में निषेधाज्ञा (prohibitory orders) लागू की है। DCP अकबर पठान द्वारा जारी इन आदेशों के तहत 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इससे पहले 18 जुलाई को आजाद मैदान में प्रदर्शन करने वालों पर भी पुलिस ने केस दर्ज किया था।
इस पुलिस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हैं। NCP (SP) के मुंबई अध्यक्ष मिलिंद अन्ना कांबले ने इसे लोकतंत्र पर हमला और आवाज दबाने की कोशिश बताया। वहीं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है। दूसरी तरफ BJP सांसद हेमा मालिनी ने प्रदर्शन के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने का सुझाव दिया है।