Haryana: सूरजकुंड मेले में हुए दर्दनाक हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस ‘Tsunami Jhula’ के गिरने से हादसा हुआ, वह टेंडर की लिस्ट में था ही नहीं। इ
Haryana: सूरजकुंड मेले में हुए दर्दनाक हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस ‘Tsunami Jhula’ के गिरने से हादसा हुआ, वह टेंडर की लिस्ट में था ही नहीं। इसे बिना किसी मंजूरी के मेले में लगाया गया था, जिसकी वजह से एक पुलिस अधिकारी की जान गई और कई लोग घायल हुए।
लापरवाही के लिए किन अधिकारियों पर गिरी गाज
मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा टूरिज्म कॉर्पोरेशन (HTC) के तीन अधिकारियों की गंभीर लापरवाही पकड़ी है। एक्टिविटी हेड नितिन कटारिया, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सतीश देसवाल और जूनियर इंजीनियर निशांत को ड्यूटी में कोताही बरतने के लिए चार्जशीट किया गया है। आयोग ने कहा कि बिना अप्रूवल के झूला लगाना टेंडर की शर्तों का बड़ा उल्लंघन था।
सुरक्षा में कितनी बड़ी चूक हुई थी
राज्य के मुख्य इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की रिपोर्ट ने मेले की पोल खोल दी है। जांच में पाया गया कि पूरे मेले में बिजली के डिब्बे खुले थे और तार खुले में लटके हुए थे। ऐसे हालात में शॉर्ट-सर्किट या आग लगने का बड़ा खतरा था। पुलिस ने इस मामले में झूला मालिक शुभम गुप्ता, झूला प्रोवाइडर नितेश और हिमाचल फन केयर के मालिक मोहम्मद शाकिर को गिरफ्तार किया है।
भविष्य के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया है कि हरियाणा अब देश की पहली ऐसी व्यापक पॉलिसी बनाएगा जिससे मेलों और एडवेंचर राइड्स की निगरानी होगी। अब किसी भी बड़े आयोजन को शुरू करने से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर और फायर ऑफिसर जैसी एक टेक्निकल कमेटी से सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। साथ ही, सभी झूलों का थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
मुआवजा और अन्य सहायता
हादसे में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को हरियाणा सरकार ने 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और अधिकारी को शहीद का दर्जा दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सूरजकुंड मेले में हादसा क्यों हुआ और रिपोर्ट में क्या मिला?
रिपोर्ट के अनुसार ‘Tsunami Jhula’ बिना किसी आधिकारिक मंजूरी और टेंडर लिस्ट के लगाया गया था। साथ ही, मेले में बिजली के खुले तारों और असुरक्षित केबल्स जैसी गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं।
हादसे के बाद सरकार ने क्या नए नियम लागू किए हैं?
अब किसी भी मेले या सार्वजनिक आयोजन के लिए मल्टी-डिसिप्लिनरी टेक्निकल कमेटी का सर्टिफिकेट जरूरी होगा और सभी राइड्स का थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराना अनिवार्य होगा।