Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खंडाला घाट सेक्शन में शुक्रवार, 1 मई 2026 को भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस जाम में एनसीपी (शरद पवार) की नेता और बारामती की सांसद Supriya Sule भी फंस गईं। उन्होंने अपनी कार से एक वीडिय
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खंडाला घाट सेक्शन में शुक्रवार, 1 मई 2026 को भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस जाम में एनसीपी (शरद पवार) की नेता और बारामती की सांसद Supriya Sule भी फंस गईं। उन्होंने अपनी कार से एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह अन्य परेशान यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों से बातचीत करती नजर आईं।
जाम की स्थिति और Supriya Sule की मांग
Supriya Sule ने बताया कि वह पिछले 2 घंटों से ट्रैफिक में फंसी हुई थीं। उन्होंने इस स्थिति पर चिंता जताई और सरकार व पुलिस प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने को कहा। Sule ने ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर बनाने, मौके पर ज्यादा पुलिस बल तैनात करने और इस पुरानी समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
‘Missing Link’ प्रोजेक्ट का उद्घाटन और नियम
हैरानी की बात यह है कि यह जाम उसी दिन लगा जिस दिन मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस नए प्रोजेक्ट के बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- यह नया रास्ता 13.3 किमी से 19.84 किमी तक का है जो दुर्घटना संभावित घाट सेक्शन को बायपास करता है।
- इससे मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 20 से 30 मिनट कम होने की उम्मीद है।
- दूरी में लगभग 6 किमी की कमी आएगी और इस नए सेक्शन के लिए कोई अतिरिक्त टोल नहीं लिया जाएगा।
- 1 मई से 31 अक्टूबर 2026 तक यहां सिर्फ हल्के वाहन (LMV) और बसों को जाने की अनुमति है, भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है।
प्रशासन का क्या है कहना
MSRDC के मैनेजिंग डायरेक्टर Anilkumar Gaikwad ने इस ‘Missing Link’ को घाट सेक्शन के ट्रैफिक का स्थायी समाधान बताया था। हालांकि, 1 मई को लगे इस विशेष जाम के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक अधिकारियों ने नहीं की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Missing Link प्रोजेक्ट से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस प्रोजेक्ट से मुंबई-पुणे यात्रा में 20 से 30 मिनट का समय बचेगा और दूरी करीब 6 किमी कम हो जाएगी। साथ ही, यह दुर्घटना संभावित घाट सेक्शन को बायपास करता है।
Missing Link पर किन वाहनों के जाने की अनुमति है?
1 मई से 31 अक्टूबर 2026 तक इस रास्ते पर केवल हल्के मोटर वाहन (LMV) और बसों को अनुमति दी गई है। भारी मालवाहक वाहनों का यहां जाना मना है।