Indiabulls Case: सीबीआई और दिल्ली पुलिस की चुप्पी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच में देरी को बताया चौंकाने वाला

Finance: इंडीबल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (IHFL), जिसे अब सम्मान कैपिटल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है, के वित्तीय घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सीबीआई (CBI) और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपर

Finance: इंडीबल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (IHFL), जिसे अब सम्मान कैपिटल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है, के वित्तीय घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सीबीआई (CBI) और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की सुस्ती पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि जनवरी से अब तक कोई रिपोर्ट न देना बहुत संदिग्ध है।

28 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जांच एजेंसियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि इतने समय तक एजेंसियां चुप क्यों रहीं। पीठ ने टिप्पणी की कि यह मामला पहली नजर में ‘लेन-देन (quid pro quo)’ जैसा लग रहा है और एजेंसियों का यह आचरण चौंकाने वाला है।

अदालत ने साफ तौर पर पूछा कि सीबीआई ने जनवरी से जुलाई के बीच क्या काम किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जांच में कोई अपराध नहीं पाया गया है, तो एजेंसियों को यह साहस दिखाना चाहिए और स्पष्ट रूप से बता देना चाहिए। इस मामले में एडवोकेट प्रशांत भूषण ‘सिटिजन्स व्हिसल ब्लोअर फोरम’ की तरफ से पैरवी कर रहे हैं और कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग कर रहे हैं।

मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
मुख्य आरोपी समीर गहलोत (पूर्व अध्यक्ष, वर्तमान में लंदन में होने की खबर)
आरोप फंड की हेराफेरी, राउंड-ट्रिपिंग और कंपनी अधिनियम का उल्लंघन
जांच एजेंसियां CBI, दिल्ली पुलिस EOW, ED, SEBI और SFIO
कोर्ट का निर्देश दो सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करना
पिछली अपडेट ED ने वित्तीय लेनदेन में गंभीर अनियमितताओं का संकेत दिया था

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद कोर्ट ने एजेंसी प्रमुखों को तलब करने के अपने फैसले को फिलहाल टाल दिया है।